भारत में पायलट बनने के लिए क्या करना पड़ता है? यहां जानें क्वॉलिफिकेशन, मेडिकल और खर्च से जुड़ी जानकारी

पायलट बनने के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स जरूरी हैं, DGCA मेडिकल पास करना जरूरी है और करीब 60-70 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है.

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पायलट बनने के लिए फिजिकल और मेंटल रूप से फिट होना जरूरी है

आसमान में उड़ान भरने का सपना बहुत से युवाओं का होता है. अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि पायलट बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए, कितना खर्च आता है और किन शर्तों को पूरा करना जरूरी है. अगर आप भी कमर्शियल पायलट बनने का सपना देख रहे हैं, तो आइए जानते हैं इसके लिए आपको किन-किन चीजों की जरूरत होती है.

कमर्शियल पायलट बनने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी-

एजुकेशन क्वालिफिकेशन

भारत में पायलट बनने के लिए 12वीं पास होना जरूरी है. छात्र के पास फिजिक्स, मैथ्स और इंग्लिश सबजेक्ट्स होना चाहिए. 12वीं में परसेंटेज बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता, लेकिन कई एयरलाइंस में भर्ती के समय मिनिमम परसेंटेज जरूरी होती है. इसलिए बेहतर है कि 50 पर्सेंट से ज्यादा आपके नंबर हों.

मेडिकल फिटनेस में क्या है जरूरी?

पायलट बनने के लिए फिजिकल और मेंटल रूप से फिट होना जरूरी है. DGCA के निर्धारित मेडिकल टेस्ट पास करना जरूरी होता है. ज्यादातर एयरलाइंस में मिनिमम हाइट लगभग 153 सेंटीमीटर होनी चाहिए. बहुत कम या बहुत ज्यादा लंबाई एयरलाइंस में मान्य नहीं होती. आंखों की रोशनी, सुनने की क्षमता और ओवरऑल हेल्थ की भी जांच की जाती है. इसलिए मेडिकल क्लीयरेंस इस करियर का जरूरी हिस्सा है.

कितने तक का खर्चा आता है?

पायलट ट्रेनिंग सस्ती नहीं होती. मौजूदा समय में CPL (Commercial Pilot License), टाइप रेटिंग और एयरलाइन ट्रेनिंग मिलाकर लगभग 60 से 70 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है. यह अलग-अलग इंस्टिट्यूट्स पर निर्भर करता है. इसलिए फाइनेंशियल प्लानिंग पहले से बनाना जरूरी है. 

करियर

एविएशन इंडस्ट्री में मांग समय के साथ बदलती रहती है. कभी ऐसा समय आता है जब पायलट की नौकरियां कम दिखती हैं, तो कभी मांग तेजी से बढ़ जाती है. फिलहाल भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से ग्रो कर रहा है और पायलट की डिमांड बढ़ रही है.

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