इंसान तो क्या गाड़ियां भी पिघल जाएं! दुनिया की वो जगहें जहां पड़ती है नरक जैसी गर्मी

Hottest Place on Earth:भारत में 45-48 डिग्री के टॉर्चर से हाहाकार मचा हुआ है.यूपी से लेकर दिल्ली तक लोग सूरज की तपिश से परेशान हैं.क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे गर्म शहर और जगह कौन-सी है. जहां का पारा इतना ज्यादा होता है कि गाड़ियां तक पिघल जाए

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Hottest Place on Earth: दुनिया की सबसे गर्म जगह

Hottest Place on Earth: देश के ज्यादातर हिस्से इस समय भीषण तपिश झेल रहे हैं. दिल्ली में तापमान 45.1°C छू चुका है, मध्यप्रदेश के कई शहर उबल रहे हैं और यूपी का बांदा तो 48.2°C के साथ पूरे देश में मानो तंदूर बना हुआ है. इस गर्मी में कूलर-एसी तक हांफने लगे हैं. दोपहर में घर से बाहर निकलना किसी सजा जैसा लग रहा है. लेकिन जरा सोचिए, जब 45-48 डिग्री में हमारा यह हाल है, तो उन जगहों पर लोग कैसे रहते होंगे जहां पारा 50 नहीं, सीधे 55 से 70 डिग्री तक पहुंच जाता है.

दुनिया में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जिन्हें 'आग का नरक' कहा जाता है. वहां इतनी भयंकर गर्मी पड़ती है कि अगर खुले में खड़े हो जाएं, तो सचमुच गाड़ियां भी पिघलने लगें. आइए जानते हैं दुनिया के उन सबसे गर्म जगहों के बारें में, जहां नरक जैसी गर्मी पड़ती है.

डेथ वैली (अमेरिका)

दुनिया की सबसे गर्म जगह का रिकॉर्ड अमेरिका के कैलिफोर्निया में मौजूद डेथ वैली (Death Valley) के नाम है. यह मोजावे रेगिस्तान का एक हिस्सा है. 10 जुलाई 1913 को यहां 56.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था. यह आज तक के इंसानी इतिहास में मापा गया दुनिया का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. यहां की गर्मी इतनी खतरनाक होती है कि जमीन खौलने लगती है. अगर कोई इंसान बिना पूरी तैयारी के यहां चला जाए, तो कुछ ही घंटों में उसके शरीर का पूरा पानी सूख जाएगा.

दश्त-ए-लूत (ईरान)

अगर आप सोचते हैं कि डेथ वैली ही सबसे बुरी है, तो जरा ईरान के इस रेगिस्तान के बारे में जान लीजिए. नासा (NASA) के सैटेलाइट ने जब अंतरिक्ष से धरती का तापमान लिया, तो इस जगह ने सबको चौंका दिया. यहां जमीन की सतह (Surface) का तापमान 70 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर रिकॉर्ड किया गया है. 70 डिग्री का मतलब इस तापमान पर अगर आप जमीन पर अंडा फोड़कर डाल दें, तो वो बिना गैस-चूल्हे के सीधे ऑमलेट बन जाएगा. यहां दूर-दूर तक कोई जिंदगी नहीं है. यहां न इंसान, न जानवर और ना ही कोई पौधा है.

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अहवाज शहर (ईरान)

डेथ वैली और दश्त-ए-लूत में तो कोई रहता नहीं है, लेकिन ईरान का अहवाज (Ahvaz) दुनिया का सबसे गर्म ऐसा शहर है, जहां लाखों लोग रहते हैं. यह एक बड़ा इंडस्ट्रियल शहर है. साल 2017 में इस शहर का तापमान 54 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. आम दिनों में भी यहां मई-जून में पारा 45 से 50 डिग्री के बीच ही रहता है. यहां गर्मियों में दोपहर के वक्त सड़कें पूरी तरह सूनी हो जाती हैं. लोग सिर्फ जिंदा रहने के लिए घरों में कैद रहते हैं और फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं होता है.

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1. डेथ वैली जैसी जगहें समुद्र के लेवल से काफी नीचे हैं. इस वजह से जब गर्म हवा यहां घुसती है, तो पहाड़ों के बीच फंस जाती है और बाहर नहीं निकल पाती. हवा वहीं घूम-घूमकर और गर्म होती जाती है.

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2. इन इलाकों के वातावरण में नमी बिल्कुल खत्म (Zero Humidity) हो चुकी होती है. हवा इतनी सूखी होती है कि धूप सीधे तीर की तरह चुभती है.

3. दश्त-ए-लूत जैसे रेगिस्तानों की मिट्टी और पत्थर ऐसे हैं, जो सूरज की गर्मी को शीशे की तरह परावर्तित नहीं करते, बल्कि स्पंज की तरह सोख लेते हैं. इससे जमीन खुद एक हीटर बन जाती है.

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