ब्रिगेडियर तो सुना होगा, लेकिन सेना में ग्रेनेडियर का पद क्या होता है?

भारतीय सेना में ‘ग्रेनेडियर’ शब्द को लेकर अक्सर कंफ्यूजन रहता है. कई लोग इसे ब्रिगेडियर जैसी अधिकारी रैंक समझ लेते हैं. जबकि ये एक सैनिक की शुरुआती रैंक और भारतीय सेना की प्रतिष्ठित इन्फैंट्री रेजिमेंट का नाम है.

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सेना में ग्रेनेडियर और ब्रिगेडियर क्या होते हैं

Brigadier And Grenadier: भारतीय सेना से जुड़े कई पदों के नाम अक्सर सुनने को मिलते हैं. ब्रिगेडियर, कर्नल और मेजर जैसे रैंक ज्यादातर लोगों को पता होते हैं. लेकिन जब ‘ग्रेनेडियर' शब्द सुनाई देता है तो कई लोग इसे भी किसी बड़े अधिकारी का पद समझ लेते हैं. असल में ग्रेनेडियर का मतलब कुछ और है. ये भारतीय सेना में एक सैनिक की रैंक भी है और एक प्रसिद्ध इन्फैंट्री रेजिमेंट का नाम भी. यही वजह है कि इस शब्द को लेकर अक्सर भ्रम पैदा हो जाता है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ग्रेनेडियर क्या होता है और इसका सेना में क्या महत्व है.

ग्रेनेडियर एक रैंक भी है

भारतीय सेना की ज्यादातर रेजिमेंटों में शुरुआती सैनिक रैंक को ‘सिपाही' कहा जाता है. लेकिन द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में इसी लेवल के सैनिक को ‘ग्रेनेडियर' कहा जाता है. यानि ग्रेनेडियर कोई अधिकारी रैंक नहीं है, बल्कि सेना के सबसे शुरुआती पदों में से एक है. एक जवान अपनी सेवा, अनुभव और प्रमोशन के आधार पर आगे बढ़ते हुए हवलदार, सूबेदार और बाद में अधिकारी पदों तक भी पहुंच सकता है.

द ग्रेनेडियर्स: भारतीय सेना की गौरवशाली रेजिमेंट

ग्रेनेडियर्स भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित पैदल सेना (इन्फैंट्री) रेजिमेंटों में गिनी जाती है. इसकी जड़ें 1778 तक जाती हैं. जब इसका गठन बॉम्बे आर्मी के हिस्से के रूप में हुआ था. इस रेजिमेंट का इतिहास वीरता और बहादुरी की मिसालों से भरा हुआ है. युद्ध के मैदान में शानदार प्रदर्शन के कारण इसे भारतीय सेना की सबसे सम्मानित रेजिमेंटों में शामिल किया जाता है.

ग्रेनेडियर नाम क्यों पड़ा?

इतिहास में ‘ग्रेनेडियर' उन सैनिकों को कहा जाता था जो दुश्मन की मजबूत किलाबंदी के पास जाकर हथगोले (ग्रेनेड) फेंकने में माहिर होते थे. ये काम बेहद जोखिम भरा माना जाता था, इसलिए सबसे साहसी और ताकतवर सैनिकों को ही ये जिम्मेदारी दी जाती थी. इसी परंपरा से ‘ग्रेनेडियर' नाम चला और बाद में कई देशों की सेनाओं में ये एक विशेष सैन्य पहचान बन गया.

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ब्रिगेडियर और ग्रेनेडियर में क्या फर्क है?

दोनों नाम सुनने में मिलते-जुलते लग सकते हैं. लेकिन इनके बीच जमीन-आसमान का अंतर है. ब्रिगेडियर सेना की एक सीनियर पोस्ट है. जो हजारों सैनिकों वाली ब्रिगेड की कमान संभालता है. वहीं ग्रेनेडियर एक सैनिक की शुरुआती रैंक का नाम है. जो खास तौर पर द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में इस्तेमाल होती है. यानी ब्रिगेडियर एक हाई पोस्ट होती है, जबकि ग्रेनेडियर सेना में करियर की शुरुआत करने वाला जवान होता है.

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