IPS देवेंद्र कुमार बिश्नोई: 12 बार फेल होकर जब टूटने लगी हिम्मत तो क्या किया? बताया सफलता का रोचक किस्सा

IPS देवेंद्र कुमार बिश्नोई की प्रेरणादायक कहानी. ये राज्य लोक सेवा आयोग में लगातार 12 बार असफल हुए थे. जानिए कैसे अध्यात्म के सहारे खुद को मोटिवेट रखकर और 911 अंकों के इत्तेफाक से आरपीएस चुने जाने के बाद वे राजस्थान कैडर के आईपीएस अफसर बने.

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  • IPS देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने पीसीएस इंटरव्यू में बार-बार असफलता के बावजूद लगातार मेहनत और तैयारी जारी रखी
  • बार-बार निराशा के समय उन्होंने अध्यात्म और ईश्वर की शरण लेकर खुद को प्रेरित और मानसिक रूप से मजबूत बनाया
  • राजस्थान पुलिस सेवा में चयन के समय उनके ओरिजिनल और स्केलिंग दोनों नंबर 911 अंक पर समान रहे

IPS Devendra Kumar Bishnoi: भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी देवेंद्र कुमार बिश्नोई की सफलता की कहानी उन सभी युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायी है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान शुरुआती असफलताओं से हार मान लेते हैं. देवेंद्र कुमार बिश्नोई वो पुल‍िस अफसर हैं, जिन्होंने पीसीएस परीक्षाओं में कई बार असफलता का सामना किया, लेकिन मेहनत करना कभी नहीं छोड़ा. वर्तमान में वे अपने राजस्थान में डीआईजी के पद पर सेवा दे रहे हैं.

12 बार द‍िए पीएससी इंटरव्‍यू

आईपीएस देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने अपनी असफलताओं और उनसे पार पाने की पूरी कहानी एक सार्वजनिक कार्यक्रम में साझा की. उन्होंने बताया कि अन्य युवाओं की तरह उनका भी सपना सिविल सेवा में जाने का था. इसीलिए कॉलेज की पढ़ाई पूरी करते ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी. हालांकि, स्टेट पीसीएस की परीक्षाओं में इंटरव्‍यू तक पहुंचने के बाद उन्हें लगभग 12 बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तैयारी जारी रखी. 

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निराशा के दौर में अध्यात्म का सहारा

देवेंद्र कुमार बिश्नोई बताते हैं कि बार-बार असफल होने पर वे भी स्वाभाविक रूप से निराश हुए थे. तब खुद को मोटिवेट रखने और किताबों से दूरी न बने, इसके लिए उन्होंने धार्मिक रास्ता अपनाया. जब लगातार फेल होने पर हिम्मत टूटने लगी, तो वे अपने ईष्टदेव की शरण में चले गए और अपने मन की सारी पीड़ा बयां कर दी. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की, "अब आप ही मेरी नैया पार लगाइए. यदि मेरी मेहनत में कोई कमी रह गई हो तो सही राह दिखाइए. मैं खुद को पूरी तरह आपको समर्पित करता हूं." इस बीच वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी उसी उत्साह और कड़ी मेहनत के साथ करते रहे.

सिलेक्शन का अनोखा इत्तेफाक: ओरिजिनल और स्केलिंग नंबर दोनों 911

अपनी तैयारी और चयन का एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब उनका राजस्थान पुलिस सेवा में चयन हुआ, तब परीक्षा में ओरिजिनल नंबर और स्केलिंग नंबर का सिस्टम लागू था. इत्तेफाक देखिए कि उनके ओरिजिनल मार्क्स भी 911 आए थे और स्केलिंग के बाद बने फाइनल मार्क्स भी 911 ही रहे. इसी कड़ी मेहनत और ईश्वर पर अटूट विश्वास का नतीजा रहा कि वे पहले आरपीएस बने और आगे चलकर आईपीएस के पद पर पदोन्नत हुए.

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आईपीएस देवेंद्र कुमार बिश्नोई कौन हैं?

राजस्थान कैडर में 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी देवेंद्र कुमार बिश्नोई मूल रूप से हरियाणा के हिसार जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 1989 में सीमा सुरक्षा बल में सेवाएं दीं. उसके बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करके आरपीएस अफसर बने और साल 2020 में उन्हें आईपीएस के रूप में पदोन्नति मिली.

24 मई 1967 को जन्मे देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने बतौर आईपीएस लंबे समय तक बीकानेर में आरएसी की तीसरी बटालियन में कमांडेंट के पद पर सेवाएं दीं. इसके अलावा वे भरतपुर, गंगापुर सिटी, कोटपूतली-बहरोड़, झुंझुनूं और अजमेर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में एसपी रह चुके हैं. 13 मार्च 2026 से वे जोधपुर स्थित राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में डीआईजी के पद पर तैनात हैं.   

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