बेरोजगारी, लाखों के लोन और... रांची के परिवार की सामूहिक आत्महत्या की असली वजह ये थी

रांची के कडरू न्यू एजी कॉलोनी में सोमवार को मां-बेटे और बेटी के एक साथ जान देने की कोशिश ने पूरे इलाके को चौंका दिया. इसमें मां और नाबालिग बेटी तो बच गए, लेकिन बेटे शेखर ने फांसी लगाकर जान दे दी. शुरुआत में इसका कारण डिप्रेशन बताया जा रहा था, लेकिन...

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रांची के कडरू न्यू एजी कॉलोनी में सोमवार को मां-बेटे और बेटी के एक साथ जान देने की कोशिश ने पूरे इलाके को चौंका दिया. इसमें मां और नाबालिग बेटी तो बच गए, लेकिन बेटे शेखर ने फांसी लगाकर जान दे दी. शुरुआत में इसका कारण डिप्रेशन बताया जा रहा था, लेकिन अब इसकी असली वजह आर्थिक तंगी बताई जा रही है. अरगोड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाली वकील स्नेहा अखौरी के परिवार ने एक साथ आत्महत्या की कोशिश की. परिवार के बेटे मिहिर शेखर (30) ने फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि उसकी मां स्नेहा अखौरी (50) और 14 वर्षीय बहन सौम्या ने नींद की गोलियां खाकर खुद को खत्म करने की कोशिश की. बेटे की तो जान चली गई जबकि मां-बेटी का इलाज अस्पताल में चल रहा है.  

क्या है पूरा मामला?

पेशे से वकील स्नेहा अखौरी (50) अपने बेटे मिहिर शेखर (30) और 14 वर्षीय बेटी सौम्या के साथ कडरू स्थित न्यू एजी कॉलोनी में अपने भाई के मकान में रहती थीं. पुलिस जांच के अनुसार, यह परिवार लंबे समय से भारी आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से दबा हुआ था. मिहिर कोलकाता में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) थे, लेकिन जनवरी में उनकी नौकरी छूट गई थी. इसके बाद से ही वह गहरे तनाव में थे. परिवार ने कई लोगों से लोन ले रखा था, जिसकी किस्त (EMI) चुकाने में वे असमर्थ थे. स्नेहा अखौरी ने भी पिछले तीन सालों से सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस छोड़ दी थी. तंगहाली से तंग आकर पूरे परिवार ने तीन दिन पहले ही सुसाइड की प्लानिंग कर ली थी. 


अस्पताल में भर्ती 14 वर्षीय सौम्या ने पुलिस को बताया कि रविवार रात तीनों ने डिप्रेशन दूर करने वाली दवा के 17-17 पत्ते खा लिए थे. परिवार को लगा था कि वे नींद में ही दम तोड़ देंगे. सौम्या (पीड़ित) ने कहा, "दवा खाने के बाद भी जब मिहिर और मेरी नींद खुल गई, तो भईया ने कहा कि इतनी दवा से भी मौत नहीं हुई, अब मैं फांसी लगाऊंगा. मैंने उन्हें बहुत रोका, लेकिन उन्होंने पंखे से फंदा लगा लिया." जब सौम्या ने भाई को फंदे से नीचे उतारने की कोशिश की, तो शव जमीन पर गिरने की तेज आवाज हुई, जिससे पड़ोसियों को घटना की भनक लगी.

पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना

मकान की तीसरी मंजिल पर रहने वाली सुधा ने बताया कि स्नेहा ने शुक्रवार को फोन कर कहा था कि वे कोलकाता जा रहे हैं. सोमवार दोपहर जब सुधा घर लौटीं, तो उन्हें जोरदार आवाज सुनाई दी. जब उन्होंने दरवाजा खटखटाया, तो नशे की हालत में सौम्या ने गेट खोला और पूरी आपबीती सुनाई. भीतर जाने पर मिहिर का शव जमीन पर पड़ा मिला और स्नेहा फर्श पर अचेत अवस्था में थीं. तुरंत पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद मां-बेटी को गुरुनानक अस्पताल में भर्ती कराया गया.

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पुलिस की कार्रवाई

अरगोड़ा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मिहिर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शुरुआती जांच में मामला पूरी तरह से आर्थिक तंगी के कारण उपजे डिप्रेशन और सुसाइड का लग रहा है. पुलिस मामले के अन्य पहलुओं और लोन के दावों की भी जांच कर रही है.

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