झारखंड के हजारीबाग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता गांव से लापता खुशी परवीन, सानिया परवीन और मोहम्मद आदिल हुसैन के शव पांच दिन बाद मिले. तीनों के शव कोनार नदी किनारे जंगल में क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुए. 23 अप्रैल को तीनों आम तोड़ने के लिए गांव के पास बगीचे में गए थे, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटे. इसके बाद परिजनों ने 24 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
युवती के सिर पर बाल तक नहीं बचे
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने लगातार तलाशी अभियान चलाया. सोमवार (27 अप्रैल) को नदी किनारे मिले शवों ने पूरे मामले को रहस्य और खौफ में बदल दिया. तीनों के शवों क्षत-विक्षत अवस्था में मिले. एक युवती के सिर पर बाल तक नहीं बचे थे. प्रारंभिक जांच के मुताबिक, शरीर पर जंगली जानवरों के हमले जैसे निशान पाए गए हैं. इससे यह मामला और भी संदिग्ध हो गया है.
पुलिस ने जंगल में सर्च अभियान चलाया.
परिजन बोले- हादसा नहीं साजिश
मृतकों में शामिल खुशी परवीन (20) का निकाह अगले महीने मई में तय था. शादी की तैयारियों के बीच उसने अपनी ममेरी बहन सानिया परवीन (18) और रिश्तेदार आदिल हुसैन (22) को घर बुलाया था. घर में जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं. वहीं अब मातम पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इसे साजिश मान रहे हैं.
हर एंगल से पुलिस की जांच जारी
हालांकि, पुलिस इस बारे में कुछ भी स्पष्ट तौर पर नहीं कह रही है. पुलिस का कहना है, "अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह हादसा है या कोई आपराधिक घटना. फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी." पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और हर एंगल से मामले को खंगाल रही है.
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