आतंकियों को खाना और पनाह देने वाला शिक्षक गिरफ्तार, किश्तवाड़ में UAPA के तहत बड़ा एक्शन

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एक सरकारी स्कूल शिक्षक को UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि उसने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाकिस्तानी आतंकियों को शरण दी और उन्हें लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराया. पुलिस इस मामले को चेनाब वैली में आतंकी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई बता रही है.

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  • किश्तवाड़ के शिक्षक मश्कूर अहमद जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में UAPA के तहत गिरफ्तार
  • आरोपी को चतरू इलाके में आतंकवादियों को खाना और लॉजिस्टिक सहायता पहुंचाने का भी आरोप है जो एक मुठभेड़ से जुड़ा
  • गिरफ्तारी FIR नंबर 03/2026 के तहत UAPA, BNS और Arms Act की विभिन्न धाराओं में की गई है
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जम्म कश्मीर के किश्तवाड़ के एक सरकारी स्कूल टीचर को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया है. उस पर जैश-ए-मोहम्मद (JeM) संगठन के पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने और चतरू इलाके में उन्हें लॉजिस्टिक मदद पहुंचाने का आरोप है. आरोपी, मश्कूर अहमद उर्फ ​​मश्कूर मास्टर, बेगपोरा सिंहपोरा, चतरू का रहने वाला है. जो कि इंदरवाल जोन के प्राइमरी स्कूल गुजरारी में टीचर के तौर पर काम कर रहा था. उसे 2004 में 'रहबर-ए-तालीम' टीचर के तौर पर नियुक्त किया गया था और 2009 में उसकी नौकरी पक्की कर दी गई थी.

किन धाराओं के तहत एक्शन

किश्तवाड़ के SSP नरेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गहन जांच और सटीक ऑपरेशन्स के जरिए पुलिस ने इस स्कूल टीचर को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी FIR नंबर 03/2026 के सिलसिले में की गई है. यह FIR UAPA की धारा 13, 16, 18 और 20; BNS की धारा 61(2), 109, 147 और 148; और Arms Act की धारा 7/27 के तहत दर्ज की गई थी. यह मामला 4 फरवरी, 2026 को चतरू के दिछार में हुई मुठभेड़ से जुड़ा है, जिसमें आदिल नाम का एक पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया था.

आतंकवादियों को दी पनाह, खाना भी दिया

इस मामले की जांच में पता चला कि मश्कूर अहमद ने आतंकवादियों को पनाह दी थी और इलाके में सक्रिय जैश समूह को खाना और दूसरी लॉजिस्टिक मदद पहुंचाई थी. जांच अधिकारियों ने आगे दावा किया कि मारे गए जैश-ए-मोहम्मद कमांडर सैफुल्लाह बलूची की एक तस्वीर, जिसमें उसके गले में नोटों की माला पड़ी थी, आरोपी के घर के अंदर ली गई थी. सैफुल्लाह बलूची इस साल 22 फरवरी को चतरू में 'ऑपरेशन त्राशी-I' के दौरान अपने दो विदेशी साथियों के साथ मारा गया था.

पुलिस ने क्या कुछ बताया

पुलिस ने इसे चतरू में आतंकवादी नेटवर्क्स की मुठभेड़ के बाद की जांच में पहली बड़ी गिरफ्तारी बताया है. गिरफ्तारी के बाद, सुरक्षा कारणों से आरोपी को किश्तवाड़ ज़िले से बाहर की जेल में भेज दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियों ने इस गिरफ्तारी को चेनाब घाटी में आतंकवादी नेटवर्क्स और 'ओवरग्राउंड वर्कर्स' के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक बड़ी सफलता बताया है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "इलाके में आतंकवादी गतिविधियों में मदद करने वाले दूसरे संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें ढूंढ निकालने की कोशिशें जारी हैं." आगे की जांच चल रही है.

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पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

अधिकारियों ने और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया है. यह पहला मामला नहीं है जब किसी शिक्षक को आतंकी संबंधों के आरोप में हिरासत में लिया गया हो. जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल के प्रशासन ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में कई सरकारी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है. किश्तवाड़ के एक स्थानीय निवासी ने कहा, "इससे ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता। शिक्षक युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के बजाय आतंकी गतिविधियों में शामिल है."

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