कश्मीरी पंडित पलायन मामले में मनोज सिन्हा ने कहा- जो कुछ भी हुआ इसमें आम लोगों की भूमिका नहीं

मनोज सिन्हा ने कहा, देश के किसी भी अन्य नागरिक से अधिक कश्मीर के लोगों को भारत की बेहतर समझ है. लेकिन यह खेद की बात है कि कुछ लोगों ने इसे कभी नहीं पहचाना.

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मनोज सिन्हा (IANS)
Jammu And Kashmir:

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर आम कश्मीरी मुसलमानों पर लगे दोष को अप्रत्यक्ष रूप से दोषमुक्त करते हुए कहा कि इसमें आम लोगों की भूमिका नहीं है. मनोज सिन्हा गुरुवार (4 मई) को श्रीनगर में एक अंतर धार्मिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर में जो कुछ भी हुआ, उसमें आम लोगों की कोई भूमिका नहीं थी. उन्होंने घाटी को सद्भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि देश के किसी भी अन्य नागरिक से अधिक कश्मीर के लोगों को भारत की बेहतर समझ है. लेकिन यह खेद की बात है कि कुछ लोगों ने इसे कभी नहीं पहचाना और इसे स्वीकार भी नहीं करना चाहते हैं.

मनोज सिन्हा ने अपने भाषण में विशेष रूप से कश्मीरी पंडित, हाई कोर्ट के न्यायाधीश को संबोधित करते हुए कहा कि वे ऐसे लोगों को याद दिलाना चाहते हैं कि कश्मीर में जो कुछ भी हुआ, उसके लिए आम कश्मीरी जिम्मेदार नहीं थे.

भारत का एक मात्र धर्म संविधान

मनोज सिन्हा ने संविधान को भारत का एक मात्र धर्म बताते हुए कहा कि लोगों को इस बात का ध्यान रखाना होगा कि आप किसी भी धर्म के अनुयायी हो सकते हैं. संजय धर साहब कश्मीरी पंडित हो सकते हैं, लेकिन उन्हें संविधान के अनुसार ही काम करना है. मैं विशेष रूप से ऐसे लोगों से कहना चाहता हूं कि कश्मीर में जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए कश्मीर का आम आदमी जिम्मेदार नहीं है.

देश के लोग कश्मीर की जमीनी हकीकत से दूर हैं

उपराज्यपाल ने वहां उपस्थित लोगों से यह स्वीकार करने की अपील करते हुए कहा, जनता की रक्षा करने का दायित्व जिन लोगों पर था, उन्होंने ही जनता की भावनाओं का शोषण किया है. देश के कई लोगों की समझ कश्मीर की जमीनी हकीकत से बहुत दूर है. लेकिन देश के लोगों को जमीनी हकीकत को समझना होगा.

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वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांढ में जम्मू कश्मीर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के राष्ट्रव्यापी समारोह में जम्मू-कश्मीर की भागीदारी का जिक्र करते हुए उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि समारोह के तीनों चरणों में जम्मू-कश्मीर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले स्थान पर रहा. भारत की आबादी का मात्र एक प्रतिशत हिस्सा बनाने वाले इस मुस्लिम बहुल क्षेत्र ने वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के समारोह में असाधारण प्रदर्शन किया है.

उन्होंने कहा इससे पहले जम्मू-कश्मीर को कोई स्थान नहीं मिला, जबकि देश की सबसे अधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा. दूसरे दौर में भी जम्मू-कश्मीर पहले स्थान पर और मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा. तीसरे दौर में भी जम्मू-कश्मीर एक बार फिर पहले स्थान पर और राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा. आज देश के 10 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में से सात जम्मू-कश्मीर से हैं.

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बता दें, पिछले छह वर्षों से मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के पद पर कार्यरत है.

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