महिला वोट बैंक पर CM योगी का बड़ा दांव, क्या 1 लाख रुपये की यह योजना यूपी चुनाव का गेमचेंजर बनेगी?

योगी सरकार ने 1 करोड़ महिलाओं को 1-1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन देने की तैयारी की है. चुनाव से पहले ये सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
UP की 1 करोड़ महिलाओं को मिलेगा 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन
NDTV

योगी सरकार ने आने वाले विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए एक बड़ा दांव चल दिया है. बिहार की ही तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी महिला लाभार्थियों का एक बड़ा वर्ग तैयार करने जा रही है. योगी सरकार एक करोड़ महिलाओं को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद बिना ब्याज के कर्ज के तौर पर दी जाएगी. यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और चुनाव में उन्हें जोड़ने की एक बड़ी रणनीति है.

योजना के अनुसार तीन किश्तों में पैसा मिलेगा. पहली किश्त ₹20,000, दूसरी ₹30,000 और तीसरी ₹50,000 की मिलेगी. पहली किश्त दिसंबर में मिल जाएगी. वे इस रकम से या तो छोटा बिजनेस शुरू कर सकती हैं या फिर पहले से चल रहे बिजनेस का विस्तार कर सकती हैं. उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बिना ब्याज के कर्ज के तौर पर यह रकम दी जाएगी. ब्याज-मुक्त क्रेडिट कार्ड के जरिए वे बिना किसी ब्याज के पैसा निकालकर अपना छोटा-मोटा काम या बिजनेस शुरू कर सकेंगी. केवल पहली किश्त देने में ही सरकार के ₹20,000 करोड़ खर्च होंगे, जबकि पूरी योजना का कुल खर्च ₹1 लाख करोड़ होगा. यह यूपी के कुल बजट के 10% से भी ज्यादा है, जिससे राज्य सरकार पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ेगा.

चुनाव जीतने का फार्मूला

विधानसभा चुनाव जीतने का अब यह ट्राइड एंड टेस्टेड फार्मूला बन चुका है. कुछ महीने पहले ही बीजेपी ने यही फार्मूला पड़ोसी राज्य बिहार में इस्तेमाल किया था. वहां भी महिलाओं को ₹10,000 की शुरुआती मदद देने वाली योजना शुरू की गई थी. पीएम मोदी ने सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 75 लाख महिलाओं के बैंक खाते में सीधे दस हजार रुपये ट्रांसफर किए थे. नवंबर 2025 में हुए चुनाव में इसका सीधा परिणाम देखने को मिला था. महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले 9 प्रतिशत अधिक वोट डाले. एक आंकलन के अनुसार एनडीए को महागठबंधन की तुलना में औसतन लगभग 11 प्रतिशत अधिक महिला वोट मिले. एनडीए को बंपर बहुमत मिला. 243 सदस्यों की विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटें जीतीं.

इससे पहले भी कई अन्य राज्यों में राजनीतिक दल इस फॉर्मूले को सफलतापूर्वक लागू कर चुनावी जीत हासिल कर चुके हैं. मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों ने इस मॉडल को बड़े पैमाने पर अपनाया है. महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत ₹1,500 प्रति माह देने का वादा किया गया. इसका लाभ एनडीए को मिला. मध्य प्रदेश में  मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के तहत ₹1,250 प्रति माह, कर्नाटक में गृह लक्ष्मी योजना में ₹2,000 प्रति माह, पश्चिम बंगाल में लक्ष्मीर भंडार योजना में ₹1,000–₹1,200 प्रति माह, छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत ₹1,000 प्रति माह, झारखंड में मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना में ₹1,000–₹2,500 प्रति माह, ओडिशा में सुभद्रा योजना के तहत ₹10,000 वार्षिक दिए जा रहे हैं.

Advertisement

इन योजनाओं ने महिलाओं को एक मजबूत और स्वतंत्र वोट बैंक के रूप में स्थापित किया है. मतदान प्रतिशत में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है और उन्होंने सत्ताधारी दलों के पक्ष में एकजुट होकर मतदान किया. यह देखा गया है कि महिला मतदाता ऐसे चुनावी वादों पर सत्तारूढ़ दलों पर अधिक भरोसा करती हैं और उन्हें खुल कर समर्थन देती हैं. जैसे मध्य प्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव में 'लाडली बहना योजना' ने एंटी-इंकमबेंसी को बेअसर करने और सत्तारूढ़ बीजेपी को प्रचंड बहुमत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई.

ऐसे ही 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई 'लाडकी बहिन योजना' को महायुति गठबंधन की बड़ी चुनावी जीत का प्रमुख कारण माना गया. 2023 में कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के चुनावों में भी गारंटी योजनाओं ने चुनावी समीकरणों को बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई.

Advertisement

अर्थव्यवस्था पर असर

आर्थिक जानकार मानते हैं कि महिलाओं के हाथ में पैसा जाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा होता है. गांवों  छोटे-छोटे रोजगार और कारोबार शुरू होते हैं. इससे उनका सशक्तिकरण भी होता है क्योंकि महिलाओं के पास अपना पैसा होने से घर और समाज में उनका फैसला लेने का हक बढ़ता है. लेकिन इससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ता है. महिलाओं को सीधे नकद देने की योजनाओं से सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसे अन्य विकास कार्यों के बजट में कटौती करनी पड़ सकती है. साथ ही, सरकार के लिए यह देखना मुश्किल होता है कि महिलाएं इस पैसे से सच में कोई बिजनेस शुरू कर रही हैं या सिर्फ घर के खर्चों में इसे खत्म कर रही हैं.

इसीलिए यूपी सरकार की यह योजना सिर्फ एक समाज कल्याण का काम नहीं है. बल्कि सोच-समझकर खेला गया राजनीतिक दांव है. अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ चुनावों में महिला वोटों को जुटाने में बड़ा रोल निभाएगी. अब समाजवादी पार्टी के लिए यह एक चुनौती है. हालांकि अखिलेश यादव पहले ही भांप चुके थे कि बीजेपी महिलाओं के लिए कुछ इस तरह की योजना ला सकती है. इसलिए उन्होंने गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया है.

महिलाओं पर योगी का फोकस

योगी सरकार पिछले कुछ महीनों से महिला मतदाताओं को ध्यान में रख कर ताबड़-तोड़ फैसले कर रही है. राज्य के 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है, जो सितंबर 2026 से प्रभावी होगी. इसके अलावा, राज्य में 'उदा देवी', 'झलकारी बाई' और 'अवंतीबाई' के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन भी गठित की गई हैं. सरकार ने ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत 50,000 छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की है. वहीं, अगले छह महीनों के भीतर एक लाख से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है. 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' के तहत चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 17,758 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है, जबकि 2026-27 में 72,448 विवाह कराने का लक्ष्य तय किया गया है.

उत्तर प्रदेश में महिला मतदाता बड़ी संख्या में बीजेपी का वोट बैंक बन चुकी हैं. राज्य में करीब छह करोड़ महिला मतदाता हैं. लोक नीति और सीएसडीएस के चुनाव बाद सर्वेक्षण के अनुसार 2022 और 2017 के विधानसभा चुनावों में महिला मतदाताओं का रुझान बीजेपी की ओर रहा. इसके पीछे मुफ्त राशन वितरण, गैस, आवास और अन्य वित्तीय मदद, कानून व्यवस्था और सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख हैं. यह स्पष्ट है कि महिलाएं अब पारिवारिक या जातीय व्यवस्था से इतर एक स्वतंत्र और निर्णायक साइलेंट वोट बैंक के रूप में उभरी हैं. ऐसे में बीजेपी हो या समाजवादी पार्टी, दोनों उन्हें अपने पाले में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: मायावती के 'फ्री' करते ही आकाश आनंद को मिला अखिलेश यादव से ऑफर, संजय निषाद ने भी डाले डोरे


Topics mentioned in this article
Up Election 2027
Up Election 2027 Bjp Formula
UP Election 2027 BJP Strategy
UP Election 2027 Alliance
Up Election 2027 News