- दुनिया के प्रमुख देशों ने डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए चांदी के भंडार को तेजी से बढ़ाना शुरू किया है
- चीन ने सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हजारों टन चांदी का रणनीतिक भंडार सुरक्षित किया है
- भारत के घरों में सोने के साथ इतनी चांदी जमा है कि उसे चांदी का सबसे बड़ा भंडार कहा जा सकता है.
दुनिया के बड़े देशों में टकराव भरे माहौल के बीच सोना-चांदी के भाव आसमान छू रहे हैं. दुनिया भर के निवेशकों ने विश्व में सोने के बाद चांदी के भंडारों पर भी नजरें गड़ा दी हैं. अमेरिका, चीन, रूस जैसे देशों में होड़ मची है. क्या आपको पता है कि चांदी के सबसे बड़े भंडार कहां हैं और किन देशों ने सोने की तरह चांदी का भी रिजर्व (भंडार) जमा कर रखा है. पहले दुनिया भर की सरकारें सोने का भंडार ही जमा करती थीं, लेकिन 2025-26 में डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए अब तमाम सरकारों ने विदेशी मुद्रा भंडार के रूप में चांदी का भी भंडारण शुरू कर दिया है. चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे उद्योगों में इसकी बढ़ती मांग (सोलर एनर्जी और AI) के साथ मैक्सिको और चीन के इसके निर्यात पर लगाए प्रतिबंध अहम वजह हैं.
किन देशों के पास चांदी भंडार
रूस (Russia): रूस ने अपने स्टेट फंड में चांदी को संपत्ति के तौर पर भंडार बनाना शुरू कर दिया है. रूस हर साल लगभग 62 अरब रुपये मूल्य की कीमती धातुएं (सोना, चांदी, प्लैटिनम) खरीद रहा है.
चीन (China): सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चीन चांदी का विशाल रणनीतिक भंडार (Strategic Silver Stockpile) बना रहा है. चीन के पास इंडस्ट्री में इस्तेमाल के लिए हज़ारों टन चांदी का सुरक्षित स्टॉक है.
अमेरिका (USA): अमेरिकी सरकार के पास सिल्वर ईगल (Silver Eagle) सिक्कों का बड़ा भंडार है. अमेरिकी रक्षा विभाग के पास भी बड़ा भंडार मौजूद है. 2025 से इसमें और तेजी आई है.
भारत(India): भारतीय परिवारों के पास गहनों और बर्तनों के तौर पर लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन (2 लाख 50 हजार टन) चांदी होने का अनुमान है. यह दुनिया के किसी भी देश के पास मौजूद प्राकृतिक भंडार (पेरू का1.4 लाख टन) से भी कहीं ज्यादा है.
सऊदी अरब (Saudi Arabia): तेल के बदले संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सऊदी अरब ने भी चांदी की बड़ी खरीदारी शुरू की है।
पोलैंड (Poland): पोलैंड का रिजर्व बैंक न सिर्फ विश्व के सबसे बड़े सोने खरीदारों में से एक है, बल्कि सरकारी कंपनी (KGHM) के माध्यम से चांदी के बड़े भंडार पर भी नियंत्रण रखता है.
भारत (India): रिजर्व बैंक (RBI) के पास सोने का बड़ा भंडार है. सरकार ने चांदी के रणनीतिक भंडार में चांदी के इंडस्ट्रियल इस्तेमाल (सोलर पैनल और ईवी) को देखते हुए इसके आयात और स्टॉक पर फोकस किया है.
silver Reserves by Countries
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चांदी को लेकर क्यों मची होड़?
- उद्योगों में मांग: चांदी अब सिर्फ गहनों के लिए नहीं, बल्कि ग्रीन एनर्जी (सोलर सेल और इलेक्ट्रिक वाहन) के लिए अनिवार्य धातु बन गई है.
- गोल्ड-सिल्वर कनेक्शन: सोने की कीमतें (5,500 डॉलर/oz के करीब) तक पहुंचने के कारण चांदी भी सस्ता और सुरक्षित भरोसेमंद निवेश विकल्प बन गया है.
- मुद्रा स्थिरता: डॉलर में आने वाले उतार-चढ़ाव के खिलाफ चांदी एक हार्ड एसेट के रूप में काम कर रही है.
- दुनिया में तनाव: अमेरिका और अन्य देशों के बीच टैरिफ टेंशन, रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान और अमेरिका जैसे तनाव के बीच सोने के साथ चांदी का भंडारण भी सरकारों ने तेज कर दिया है.














