- मोदी सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए एक नए फार्मूले पर काम कर रही है
- वर्तमान में लोकसभा में सीटों की संख्या 543 है, जिसे बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है
- सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन आवश्यक होगा क्योंकि 2026 तक पर रोक लगी है
महिला आरक्षण लागू करने के अलावा मोदी सरकार एक और प्रस्ताव पर काम कर रही है, जो एक मायने में एक दूसरे से जुड़ी हुई भी हैं. प्रस्ताव ये है कि लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ा दी जाए. इसके लिए सरकार एक फार्मूले के प्रस्ताव पर काम कर रही है.
लोकसभा सीटों की संख्या 816 हो जाएगी?
इस फॉर्मूले के तहत लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी. फ़िलहाल लोकसभा में सीटों की संख्या 543 ही है. सरकार की योजना है कि लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों की संख्या में आनुपातिक बढ़ोतरी की जाए. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों में 50 फीसद सीटें बढ़ाए जाने की संभावना है. यानी लोकसभा के साथ साथ हर राज्य की विधानसभा की सीटें भी 50 फीसदी बढ़ जाएंगी.
ये भी पढ़ें ; 2029 लोकसभा चुनाव से ही लागू हो सकता है 33% महिला आरक्षण, सरकार कर रही तैयारी
उत्तर प्रदेश में 120 तो बिहार में 60 सीटें?
उदाहरण के लिए यूपी में लोकसभा सीटों की वर्तमान संख्या 80 है, जिसे बढ़ाकर 120 किया जा सकता है. इसी तरह उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी सीटों की वर्तमान संख्या बढ़कर क़रीब 600 हो जाएंगी. वहीं बिहार में लोकसभा सीटों की वर्तमान संख्या 40 से बढ़कर 60 हो सकती है और विधानसभा में संख्या 243 से बढ़कर करीब 365 हो सकती है. अगर दक्षिण के राज्यों को देखें तो तमिलनाडु में लोकसभा सीटों की वर्तमान संख्या 39 बढ़कर 58 या 59 हो सकती है.
2026 तक संख्या बढ़ाने पर लगी है रोक
एनडीटीवी को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन करने की आवश्यकता होगी । 2002 में 84वें संविधान संशोधन के ज़रिए लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने पर 2026 तक रोक लगी हुई है और इस रोक को संविधान संशोधन के ज़रिए ही हटाया जा सकता है. इसलिए सरकार महिला आरक्षण लागू करने और लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव , दोनों पर काम कर रही है.
ये भी पढ़ें : लोकसभा सीटें होंगी 816, महिलाओं के लिए 273... महिला आरक्षण कानून में संशोधन की तैयारी
लोकसभा में महिलाओं के लिए 273 सीटें
अगर सरकार के दोनों प्रस्तावों को संसद की मंज़ूरी मिल जाती है तो लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या बढ़कर कम से कम 273 हो जाएगी क्योंकि 816 सांसदों के सदन में एक तिहाई आरक्षण लागू हो जाएगा. हर राज्य में कौन सी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और सभी सीटों की सीमा का निर्धारण का काम परिसीमन आयोग को सौंपा जाएगा.














