'दशहरा रैली' उद्धव और शिंदे गुट के लिए बनी वर्चस्व की लड़ाई, जानें पूरा मामला

मुंबई के शिवाजी पार्क में दशहरा रैली के आयोजन को लेकर शिवसेना के दोनों गुटों के बीच विवाद बरकरार, रैली के साथ-साथ शिवसेना पर भी दावे का सवाल

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो).
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  • एकनाथ शिंदे गुट को बीकेसी में रैली की इजाजत मिली
  • शिंदे गुट ने शिवाजी पार्क में भी अपना दावा बरकरार रखा
  • बीजेपी का दावा- महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार हिंदुत्ववादी
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मुंबई:

मुंबई (Mumbai) के शिवाजी पार्क (Shivaji Park) में दशहरा रैली (Dussehra rally) के आयोजन को लेकर दावे पर विवाद जारी है. शिवसेना (Shiv Sena) के एकनाथ शिंदे गुट ने बीकेसी में रैली की इजाजत मिलने के बावजूद शिवाजी पार्क में भी अपना दावा बरकरार रखा है. शिवाजी पार्क को लेकर बीएमसी ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन शिवसेना शिवाजी पार्क पर ही अपनी परंपरा का हवाला देते हुए अड़ी हुई है. 

जानकारों का मानना है कि अगर उद्धव ठाकरे गुट को शिवाजी पार्क में दशहरा रैली आयोजित करने की इजाजत मिल जाती है तो राज्य भर में यह संदेश जाएगा कि शिवसेना की असली विरासत उद्धव ठाकरे गुट के पास है. इसलिए सरकार की तरफ से मामले को उलझाए रखा गया है.

महाराष्ट्र बीजेपी का दावा है कि महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार हिंदुत्ववादी है. राज्य के पर्यटन मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने एक कार्यक्रम में कहा कि जिस तरह से औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर संभाजी नगर किया वैसे ही दौलताबाद किले का नाम बदलकर देवगिरी किया जाएगा.

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महाराष्ट्र बीजेपी ने उनके इस बयान को ट्वीट करते हुए लिखा है कि, हां ये हिंदुत्ववादी सरकार है.

दशहरा रैली पर शिवसेना में उद्धव गुट और शिंदे गुट में हो सकता है टकराव

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