- टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है
- चुनाव आयोग ने बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए हर संभव कदम उठाने का आश्वासन दिया
- टीएमसी के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया को लेकर की शिकायतें
जब से बंगाल में SIR की प्रक्रिया शुरू हुई है तभी से सत्तारूढ़ टीएमसी लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला का रही है. टीएमसी का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं. वहीं चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि बंगाल में साफ सुथरा चुनाव करवाने के लिए हर कदम उठाया जाएगा. आज जब टीएमसी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की तो दोनों पक्ष आमने सामने थे.
TMC के नेता चुनाव आयुक्त से मिलने पहुंचे थे
आज सुबह तय समय के मुताबिक टीएमसी का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 9.53 बजे केंद्रीय चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंच गया. मुलाकात का समय सुबह 10 बजे दिया गया था और ठीक 10 बजे ही प्रतिनिधिमंडल में शामिल चारों नेता आयोग से मिलने पहुंचे. टीएमसी प्रतिनिधिमंडल में पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन, सागरिका घोष, मनेका गुरुस्वामी और पूर्व सांसद साकेत गोखले शामिल थे जबकि आयोग की तरफ से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अलावा दोनों चुनाव आयुक्त मौजूद थे.
बैठक में क्या हुआ?
बैठक शुरू होते ही अभिवादन का आदान प्रदान किया गया जिसके बाद ज्ञानेश कुमार ने टीएमसी नेताओं से पूछा कि क्या पार्टी की ओर से अधिकृत दोनों नेताओं में से कोई आ पाया है? इस पर डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि दोनों नेता चुनाव में व्यस्त हैं. उसके बाद ब्रायन ने आयोग के सामने तीन बिंदु रखे और आरोप लगाया कि बंगाल में राज्य निर्वाचन आयोग से जुड़े अधिकारी बीजेपी नेताओं के इशारे पर काम कर रहे हैं. इस पर ज्ञानेश कुमार ने दोहराया कि आयोग लगातार राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करने के लिए प्रयास कर रहा है. इस पर डेरेक ओ ब्रायन ने जवाब दिया कि जमीन पर ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है.
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किस बात पर भड़क गए मुख्य चुनाव आयुक्त?
बैठक शुरू हुए 6 मिनट हो गए थे और इसी समय डेरेक ओ ब्रायन ने ऐसा तंज कसा कि मामला बिगड़ गया. ब्रायन ने तंज भरे लहजे में ज्ञानेश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि वो पहले मुख्य चुनाव आयुक्त बन गए हैं, जिन्हें हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया गया. इस पर ज्ञानेश कुमार ने डेरेक ओ ब्रायन से धीरे बोलने के लिए कहा. सूत्रों के मुताबिक इस बात पर डेरेक ओ ब्रायन तेज आवाज में बोलने लगे और ज्ञानेश कुमार से चुप रहने को कहा. इसी बात पर नाराज होकर ज्ञानेश कुमार ने डेरेक ओ ब्रायन से कहा- GET LOST. बस फिर क्या था , डेरेक बाकी तीनों नेताओं के साथ बाहर चले आए.
कुल मिलाकर ये बैठक 7 मिनट चली लेकिन दोनों पक्षों की तल्खी ये बताने के लिए काफी है कि बंगाल चुनाव के दौरान क्या होने वाला है.
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