- असदुद्दीन ओवैसी के परदादा तुलसीरामदास एक हिंदू ब्राह्मण थे, जिन्हें बाद में इस्लाम में परिवर्तित किया गया था
- कुमार विश्वास ने ओवैसी से उनके कुलवंश और भारतीय सांस्कृतिक इतिहास को गंभीरता से पढ़ने की अपील की है
- ओवैसी ने परदादाओं के धर्म संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी मनुष्य आदम और हव्वा के संतान हैं
असदुद्दीन ओवैसी के परदादा कौन थे? ये सवाल इसलिए क्योंकि कवि से कथावाचक बने कुमार विश्वास ने धार भोजशाला पर हाई कोर्ट के फैसले पर आए असदउद्दीन ओवैसी के बयान पर आपत्ति जताई. साथ ही एआईएएमआई प्रमुख से कहा कि आपके परदादा भी धार भोजशाला के समर्थन में खड़े थे. कुमार विश्वास के इस बयान से फिर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि ओवैसी का कुलवंश क्या रहा है? ओवैसी के परदादा आखिर भोजशाला के समर्थन में क्यों थे? हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब ओवैसी के परदादा को लेकर ऐसी चर्चा हो रही है. 2017 और फिर 2023 में ओवैसी के परदादा के धर्म को लेकर सवाल उठते रहे हैं.
कुमार विश्वास ने ओवैसी के कुलवंश पर क्या कहा?
धार भोजशाला पर हाई कोर्ट के बयान पर ओवैसी ने सवाल उठाए हैं. ओवैसी का कहना है कि इस बार भी अयोध्या की तरह कोर्ट ने फैसला सुनाया है. इस पर कवि कुमार विश्वास ने कहा, "असदुद्दीन ओवैसी मेरा विनम्र निदेवदन है कि वह इतिहास पढ़ें. वे पढ़े-लिखे हैं. वे एक बैरिस्टर हैं... उनके बारे में लोग ऐसा कहते हैं. लेकिन उनके लहजे और भाषा से ऐसा कई बार लगता नहीं है. मैं चाहता हूं कि वे भारतीय सांस्कृतिक इतिहास भी पढ़ें और अपने कुलवंश का इतिहास भी पढ़ें. उनके कुलवंश में चार पीढ़ी बाद ही उन्हें स्वयं के इसी परंपरा में खड़े होने का बोध प्राप्त हो जाएगा. वे भी भगवती के सामने उसी तरह नतमस्तक होंगे, जैसे उनके परदादा के पिता नतमस्तक होते थे. दो-तीन पीढ़ी पहले मतांतरण कर लेने के कारण इतना विद्वेष और इतनी प्रकार की घृणा फैलाना ठीक नहीं है. ओवैसी साहब के परदादा भी उस समय हमारे साथ ही खड़े थे."
जब ओवैसी के परदादा को बताया था हिंदू ब्राह्मण
साल 2023 में एक सभा के दौरान जम्मू-कश्मीर के नेता गुलाम नबी आजाद ने एक बयान दिया था कि भारत में पैदा हुआ हर व्यक्ति हिंदू था. दुनिया में इस्लाम तो सिर्फ 1500 साल पहले ही आया था. वहीं, अगर हम हिंदू धर्म को देखें, तो वो बहुत पुराना है. ऐसे में बाहर से कौन आया? बाहर से 10-20 हजार लोग आए होंगे, जो मुगलों की फौज में थे. बाकी तो हिंदुस्तान में सब मुसलमान हिंदू से कन्वर्ट हो गए. कश्मीर में भी 600 साल पहले सब कश्मीरी पंडित थे. इसके बाद यहां धीरे-धीरे हिंदू, मुसलमान बन गए.
गुलाम नबी आजाद के इस बयान पर एक महिला ने ट्वीट कर फारूख अब्दुल्ला, असदुद्दीन ओवैसी और एम जिन्ना को हिंदू वंश का बताया था. ट्वीट में लिखा था- "फारूक अब्दुल्ला के परदादा बालमुकुंद कौल एक हिंदू ब्राह्मण थे. असदुद्दीन ओवैसी के परदादा तुलसीरामदास एक हिंदू ब्राह्मण थे. एम जिन्ना के पिता जिन्नाभाई खोजा हिंदू खोजा जाति के थे और ये तीनों आज के मुसलमानों को रिप्रजेंट करते हैं और हिंदूफोबिया उगलते हैं."
असदुद्दीन ओवैसी ने इस सोशल मीडिया पोस्ट पर जवाब देते हुए कहा था- "यह मेरे लिए हमेशा ही मजेदार रहा है कि जब उन्हें वंश गढ़ना होता है, तब भी संघियों को मेरे लिए एक ब्राह्मण पूर्वज तलाशना पड़ता है. हम सभी को अपने कर्मों का जवाब देना होगा. हम सभी आदम और हव्वा के बच्चे हैं."
बीजेपी नेता ने ओवैसी के परदादा को बताया था हैदराबाद का ब्राह्मण
साल 2017 में भाजपा के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने कहा था कि ओवैसी के परदादा हैदराबाद के एक ब्राह्मण थे. राकेश सिन्हा ने दावा किया था कि ओवैसी को परदादा को जबरदस्ती इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया था. ओवैसी ने तब इसका जवाब देते हुए कहा था, "नहीं, मेरे परदादा, उनके परदादा और उनके परदादा और सभी दादा पैगंबर आदम से आए थे. इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि हमारे परदादा हिंदू थे."
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