Manipur New CM: हिंसाग्रस्त मणिपुर में करीब एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद नई सरकार बनने जा रही है. मणिपुर के बीजेपी विधायक युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. मतलब साफ है कि युमनाम मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री होंगे. मंगलवार को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में हुई मणिपुर विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया. इस दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, मणिपुर स्टेट प्रेसिडेंट और नॉर्थ ईस्ट के इंचार्ज संबित पात्रा ने युमनाम खेमचंद सिंह को पटका पहना कर स्वागत किया. फिर उन्हें मिठाई भी खिलाई. इस दौरान पूर्व सीएम एन बीरेन सिंह भी वहां मौजूद थे.
फुटबॉलर के बाद अब एक ताइक्वांडो खिलाड़ी संभालेगा राज्य की कमान
मणिपुर के मुख्यमंत्री बनने वाले युमनाम खेमचंद सिंह पूर्व एन बीरेन सिंह सरकार में मंत्री थे. अब उनके मुख्यमंत्री बनने से मणिपुर के साथ एक अजब संयोग होने जा रहा है. एक फुटबॉलर के बाद अब राज्य को एक ताइक्वांडो खिलाड़ी सीएम के रूप में मिलने जा रहा है. बताते चले कि युमनाम खेमचंद ने खेल की दुनिया से नाम कमाने के बाद राजनीति ने बड़ा नाम कमाया है, अब वो प्रदेश से सीएम बनने जा रहे हैं.
बीरेन सिंह सरकार में संभाल रहे थे कई अहम विभाग
युमनाम खेमचंद सिंह इंफाल वेस्ट के सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं. 2022 मणिपुर विधानसभा चुनाव के बाद बने एन बीरेन सिंह सरकार में वो कैबिनेट मंत्री रहे. 20 मार्च 2022 से लेकर फरवरी 2025 में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने तक उन्होंने नगर प्रशासन एवं आवास विकास (MAHUD), ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली.
2017 से 2022 तक विधानसभ के अध्यक्ष रहे युमनाम खेमचंद सिंह
इससे पहले 2017 से 2022 तक युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष रहे. भाजपा संगठन के भीतर जमीनी स्तर के आयोजक व मजबूत संगठनात्मक क्षमता वाले नेता के रूप में पहचाने जाते हैं. सक्रिय राजनीति में आने से पहले व्यवसाय से जुड़े रहे, उससे पहले वो ताइक्वांडो के खिलाड़ी भी थे.
दक्षिण कोरिया से ली ट्रेनिंग, इंटरनेशनल लेवल पर किया भारत का प्रतिनिधित्व
54 वर्षीय खेमचंद सिंह ने दक्षिण कोरिया में मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली है. उन्होंने कई मौकों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारतीय ताइक्वांडो टीम के कप्तान भी रहे. उन्होंने 1977 में अपनी ताइक्वांडो यात्रा शुरू की, जो अगले 20 वर्षों तक जारी रही. इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में इस खेल को बढ़ावा देने का काम किया.
ताइक्वांडो में मिला ब्लैक बेल्ट, फेडरेशन भी संभाला
हाल ही में सियोल, दक्षिण कोरिया स्थित ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन द्वारा पारंपरिक ताइक्वांडो में प्रतिष्ठित 5वीं डैन ब्लैक बेल्ट से उन्हें सम्मानित किया गया. युमनाम को मिला यह ब्लैक बेल्ट से उनके दशकों की अनुशासन और निपुणता का प्रतीक है. ताइक्वांडो खिलाड़ी के बाद युमनाम खेल प्रशासक भी रहे. उन्होंने ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली. साथ ही पूर्वोत्तर भारत में इस खेल के प्रारंभिक संस्थागत विकास से जुड़े रहे.
भारतीय टीम के कोच भी रहे, 2012 में राजनीति में ली एंट्री
1982 में खेमचंद ने असम ताइक्वांडो एसोसिएशन की स्थापना की और लगभग नौ वर्षों तक गुवाहाटी में रहे. 1992 के बाद वे मणिपुर लौटे और कोचिंग शुरू की. वे मणिपुर ताइक्वांडो एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे. वे भारतीय टीम के कोच भी बने. उन्होंने 2012 में राजनीति में प्रवेश किया—जब उन्होंने सिंजामेई सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 157 वोटों से हार गए. इसके बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और आरएसएस के काफ़ी करीब आ गए. वे मणिपुर में शाखाओं में भी हिस्सा लेते रहे.
युमनाम खेमचंद सिंह को ही क्यों चुना गया मणिपुर CM के लिए?
युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर CM चुनने से पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि राजनीतिक संक्रमण के दौर में पार्टी के भीतर युमनाम खेमचंद सिंह सभी गुटों के लिए स्वीकार्य हैं. उनकी पहचान गैर-विवादित व्यक्तित्व के रूप में रही है. कहा जा रहा है कि जनसभा आधारित भाषण शैली की बजाय संगठन, अनुशासन और शांत नेतृत्व-शैली भी युमनाम खेमचंद सिंह को आगे लेकर गई.
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