- सईदा फलक महाराष्ट्र में AIMIM की प्रभावशाली वक्ता हैं जिन्होंने देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ विवादित बयान दिया है
- सईदा ने कहा है कि अगर अल्लाह की मर्ज़ी हुई तो एक दिन हिजाब और नकाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री बनेगी
- सईदा फलक इंटरनेशनल लेवल की कराटे चैंपियन हैं जिन्होंने देश के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं
'सुन लो फडणवीस, अगर अल्लाह ने चाहा तो एक दिन हिजाब और नकाब पहनने वाली भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, इंशाल्लाह...', वही तेवर, वही लहजा और आवाज में वही रौब. ये हैं 'लेडी ओवैसी', जिन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ बयान दिया और अब चर्चा में हैं. बीएमसी चुनाव में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी प्रवक्ता सईदा फलक ने जब विपक्षियों को घेरना शुरू किया, तो लोगों को ओवैसी याद आग गए. आखिर कौन हैं, सईदा फलक आइए आपको बताते हैं.
सईदा फलक के बयान से खलबली?
हैदराबाद की 31 वर्षीय नेता सईदा फलक सोलापुर सहित महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में AIMIM के लिए चुनाव प्रचार करती नजर आईं. सईदा फलक के बेबाक अंदाज और तीखे भाषणों को सुनने के लिए हजारों की भीड़ दिखाई दी. असदुद्दीन ओवैसी के बाद पार्टी में सबसे प्रभावशाली वक्ता मानी जा रही सईदा ने अपने हालिया बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मचा दी. सईदा फलक के इस बयान से बवाल- 'सुन लो फडणवीस, अगर अल्लाह ने चाहा तो एक दिन इसी नकाब और हिजाब को पहनकर एक मुसलमान औरत हिंदुस्तान की प्राइम मिनिस्टर बनेगी.
कराटे चैंपियन भी हैं सईदा फलक
सईदा फलक की पहचान सिर्फ एक राजनेता की नहीं है. वह एक एथलीट भी रही हैं. सईदा भले ही आज हिजाब पहनकर विरोधियों को ललकार रही हों, लेकिन वह एक फाइटर रही हैं, जो रिंग में विपक्षियों को नॉकआउट करती रही हैं. 'फलक द फाइटर' के नाम से मशहूर सईदा फलक इंटरनेशनल लेवल की एक कराटे चैंपियन हैं. उन्होंने अब तक 20 से ज्यादा नेशनल और 22 इंटरनेशनल गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया है. वह तेलंगाना की पहली महिला एथलीट हैं, जिन्होंने विश्व और एशियाई कराटे चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया और कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया. रिंग में विरोधियों को अपने वार से नॉकआउट करने का हुनर रखने वालीं सईदा राजनीति के अखाड़े में भी उसी एग्रेशन के साथ उतरी हैं.
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कराटे चैंपियन, वकालत और अब राजनीति
सईदा फलक पेशेवर तौर पर एक एडवोकेट भी हैं. वह अपनी एक कराटे एकेडमी भी चलाती हैं, जिसमें वह युवतियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रैनिंग देती हैं. साल 2020 में ओवैसी की पार्टी AIMIM का दामन थामने वालीं सईदा महिलाओं के अधिकारों, संवैधानिक मूल्यों और अल्पसंख्यक समुदाय के मुद्दों पर आवाज बुलंद करती नजर आती हैं.
वही लहजा और आजाज में वही रौब
बीएमसी चुनाव में सईदा AIMIM का चेहरा बनकर उभरीं, तो कुछ लोगों ने उन्हें 'लेडी ओवैसी' कहकर पुकारा. दरअसल, वह राजनीतिक रैलियों में अपने विपक्षियों को वैसे ही ललकारती नजर आईं, जैसे ओवैसी दहाड़ते हैं. सईदा की आवाज में वही रौब नजर आता है. वह अपनी बात को इस अंदाज में कहती हैं कि सुनने वाले तुरंत अकर्षित होते हैं. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि जैसे सईदा ने रिंग में कई खिताब जीते, वैसे ही वह राजनीति के रण में भी अलग मुकाम हासिल करेंगी.














