कौन है बिल्डर अभय कुमार, जिसकी इंजीनियर युवराज की मौत मामले में हुई गिरफ्तारी

आरोप है कि बिल्डर की लापरवाही और प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण इंजीनियर की जान गई थी. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जिसके बाद रविवार को उसे हिरासत में लिया गया. फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है.

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बिल्डर अभय कुमार और इंजीनियर युवराज मेहता.
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  • नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में बिल्डर अभय कुमार को नॉलेज पार्क पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
  • अभय एमजेड विजटाउन और विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड का मालिक है और उसपर लापरवाही के आरोप हैं.
  • युवराज की कार नोएडा सेक्टर 150 में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बेसमेंट के पानी में गिरने से मौत हुई थी.
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Noida Engineer Yuvraj Death Case: नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत मामले में आज UP पुलिस ने मंगलवार को बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है. अभय कुमार की गिरफ्तारी नालेज पार्क थाना पुलिस ने की. अब उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. जहां से उसपर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी. पुलिस का कहना है कि इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में उसकी भूमिका सामने आने के बाद बिल्डर को गिरफ्तार किया गया है. अभय कुमार एमजेड विजटाउन (MZ Wiztown) का मालिक है. हालांकि इस मामले में दूसरा बिल्डर मनीष कुमार अभी फरार है. पुलिस मनीष की तलाश में भी जुटी है. 

विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड का मालिक है बिल्डर अभय कुमार

मिली जानकारी के अनुसार अभय कुमार और मनीष कुमार विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक है. इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और विजटाउन प्लानर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. जिसके बाद पुलिस ने अभय को गिरफ्तार किया है. बताया गया कि विजटाउन ने 2020 में लोटस ग्रीन्स से यह संपत्ति खरीदी थी.

नॉलेज पार्क पुलिस की गिरफ्त में बिल्डर अभय कुमार.

2020 में लोटस ग्रीन से खरीदी थी प्रोपर्टी

नोएडा सेक्टर 150 में लोटस ग्रीन्स से यह संपत्ति खरीदने के बाद विज़टाउन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने 2020 में आर्थम नामक प्रोजेक्ट शुरू किया था. 2021 में इसकी बैरिकेडिंग की गई थी. NDTV ने बैरिकेडिंग के दौरान की तस्वीरें भी प्राप्त की है. विजटाउन ने आर्थम प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले बैरिकेडिंग भी की थी. आर्थम एक कॉमर्शियल प्रोजेक्ट है, इसके तहत वहां एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाना था.

बिल्डर अभय कुमार पर क्या है आरोप

आरोप है कि बिल्डर की लापरवाही और प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण इंजीनियर की जान गई थी. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जिसके बाद रविवार को उसे हिरासत में लिया गया. फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है. आर्थम के शॉपिंग कॉम्पलेक्स या मॉल के बेसमेंट में पानी भरा था. शनिवार देर रात युवराज की कार दीवार तोड़ती हुई उसी पानी में गिरी. जिससे युवराज की मौत हो गई. 

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कानपुर में 2016 में रजिस्टर्ड हुई थी विजटाउन कंपनी

zaubacorp.com की रिपोर्ट के अनुसार WIZTOWN PLANNERS PRIVATE LIMITED एक प्राइवेट कंपनी है. जिसे 28 दिसंबर 2016 को कानपुर में रजिस्टर्ड कराया गया था. मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स 29 दिसंबर 2022 को विजटाउन प्राइवेट लिमिटेड की आखिरी एजीएम मीटिंग हुई थी. कंपनी निजी स्वामित्व या पट्टे पर ली गई अचल संपत्ति जैसे अपार्टमेंट भवन और आवास, गैर-आवासीय भवन, अचल संपत्ति का विकास और उपविभाजन आदि की खरीद, बिक्री, किराये पर देना और संचालन जैसे काम करती है. नोएडा सेक्टर 62 में इस कंपनी का ऑफिस है. 

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