- बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर 6 महत्वपूर्ण फैसले लिए
- राज्य में आयुष्मान भारत योजना लागू कर लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ पहुंचाने का निर्णय लिया गया है
- मंत्रिमंडल ने नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच वर्ष की वृद्धि को मंजूरी दी है
पश्चिम बंगाल में 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही शुभेंदु अधिकारी एक्शन मोड में हैं. उन्होंने सोमवार को नबान्न स्थित कार्यालय में अपनी पहली प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने कई अहम फैसले लिए और अधिकारियों को चेतावनी भी दी. सीएम शुभेंदु ने पहले दिन को अहम और विभिन्न गतिविधियों भरा बताया. शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णयों के जरिए चुनावी वादों को अमल में लाना शुरू कर दिया है.
पहले दिन शुभेंदु ने लिए छह ऐतिहासिक फैसले
शुभेंदु ने मंत्रिमंडल की अपनी पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि बीजेपी की नई सरकार ने राज्य में असल परिवर्तन लाने के मकसद से छह ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. उन्होंने कहा कि जो वादे किए थे उनको अमल में लाए हैं. पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना को लागू करने से लेकर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन सौंपकर सीमा पर बाड़ लगाने के काम को सुगम बनाने जैसे फैसले लिए गए.
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सीएम शुभेंदु ने कहा कि बंगाल केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत को लागू करेगा, जिससे लोगों को इसके लाभ मिल सकेंगे. अपने कार्यकाल के पहले दिन का जिक्र करते हुए सीएम शुभेंदु ने कहा कि मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच साल की वृद्धि को मंजूरी दी है ताकि उन युवाओं को भरपाई की जा सके जिन्होंने पिछली सरकार के दौरान अपना बहुमूल्य समय गंवाया. उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है और उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए जनगणना प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त कर दिया है.
बसों में महिलाओं को मिलेगा मुफ्त सफर
राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री अधिकारी ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं कि उनकी सरकार अगले महीने से अन्नपूर्णा भंडार योजना लागू करे और राज्य द्वारा संचालित बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान करे.
अधिकारियों को शुभेंदु की चेतावनी
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए. यह जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है. मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के एक दिन बाद शुभेंदु ने राज्य सचिवालय नबान्न में अपनी पहली प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की.
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन्हें खुश करने के लिए हर आधिकारिक मामले में बार-बार मुख्यमंत्री की प्रेरणा से का जिक्र न करें. दरअसल ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री रहते हुए लगभग सभी सरकारी घोषणाओं में 'मुख्यमंत्री की प्रेरणा से' वाक्यांश मौजूद रहता था.
अधिकारी गैरजरूरी खर्चों से बचें
बैठक में मौजूद एक सूत्र के अनुसार अधिकारी ने कहा, 'हर कदम पर 'मुख्यमंत्री की प्रेरणा' जैसे वाक्यांशों का इस्तेमाल करने की कोई जरूरत नहीं है. इस बैठक में मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, गृह सचिव संघमित्रा घोष और सभी विभागों के सचिव और प्रधान सचिव उपस्थित रहे. शुभेंदु ने इस बात पर भी जोर दिया कि संबंधित विभागों में हुई कमियों के लिए अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा और अनावश्यक खर्चों के खिलाफ चेतावनी दी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जरूरत पड़ने पर आप खर्च कर सकते हैं, लेकिन जनता के पैसे की बर्बादी नहीं होनी चाहिए.
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इनपुट- भाषा के साथ













