SIR का वार और 89 फीसदी की धार... बंगाल में जमकर निकले वोटर्स, किसे फायदा, किसे नुकसान?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के पहले चरण के लिए गुरुवार को सुबह 7 बजे से मतदान जारी है. इस चरण में उत्तरी बंगाल और राज्य के दक्षिणी हिस्से के 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो रहा है.

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले चरण के तहत फिलहाल वोटिंग हो रही है. अभी तक के मतदान को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं वो रिकॉर्ड वोटिंग की तरफ इशारा कर रहे हैं. इस बार के चुनाव से पहले SIR एक बड़ा मुद्दा रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि SIR के बाद मतदान प्रतिशत में देखी जा रही रिकॉर्ड बढ़ोतरी राज्य में राजनीति की नई परिभाष को गढ़ सकती है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि इस बार काफी बड़ी संख्या में उन मतदाताओं को सूची से हटाया गया है जिनके पास या दो दो जगह मतदान का अधिकार था या फिर जिनके पैस वैद्य दस्तावेज नहीं हैं. इस प्रक्रिया का सीधा असर मतदान और फिर चुनाव परिणाम पर पड़ना तय माना जा रहा है.  पहले चरण में पश्चिम बंगाल में शाम 5 बजे तक कुल मतदान 89.93 फीसदी मतदान हुआ है जो 2021 के 77.99 फीसदी की तुलना में 11.91 फीसदी ज्यादा है. 

कहा जा रहा है कि मतदान खत्म होने के बाद ये आंकड़ा और बढ़ भी सकता है. हालांकि, अभी तक जो आंकड़े आए हैं वो अपने आप में पुराने कई रिकॉर्ड तोड़ने वाले हैं. बड़ी संख्या में मतदात का फायदा किसी एक दल को ज्यादा हो सकता है. अगर ऐसा हुआ तो किसी एक दल के लिए बड़े अंतर से जीत दर्ज करना सिर्फ एक औपचारिकता भर हो सकती है. चार मई को ये साफ हो जाएगा कि इस बार आखिर जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है या फिर दीदी को एक बार फिर सत्ता तक पहुंचाने के लिए. लेकिन फिलहाल जिस तरह से इस गर्मी में भी मतदाता अपने घरों से निकल रहे हैं वो कहीं ना कहीं राज्य में राजनीति की नई रूपरेखा जरूर तय करेगी. 

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के पहले चरण के लिए गुरुवार को सुबह 7 बजे से मतदान जारी है. इस चरण में उत्तरी बंगाल और राज्य के दक्षिणी हिस्से के 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो रहा है. सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गई हैं. जिन 152 सीटों पर वोटिंग हो रही है, यहां पिछले विधानसभा चुनाव-2021 में बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी. उत्तर बंगाल की 54 सीटों पर जहां बीजेपी का पलड़ा भारी रहा था, वहीं दक्षिण बंगाल की बाकी सीटों पर टीएमसी ने क्लीन स्वीप जैसा प्रदर्शन किया था. जानिए 2021 के चुनाव में किसने कैसा किया था प्रदर्शन.

उत्तर बंगाल की सीटों पर रहा बीजेपी का गढ़

वहीं, विधानसभा चुनाव-2021 में उत्तर बंगाल की 54 सीटों पर बीजेपी का दबदबा रहा था. बीजेपी ने कूचबिहार उत्तर, अलीपुरद्वार और फालाकाटा जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की. इसके अलावा कालचीनी जैसी सीटों पर बीजेपी की जीत का अंतर 15% तक रहा. ये बताता है कि पिछले चुनाव में पार्टी क्षेत्रीय स्तर पर कितनी मजबूत हुई. इसकी एक मुख्य वजह राजबंशी और मतुआ समुदायों का समर्थन रही. इसके साथ ही चाय बागान श्रमिकों के मुद्दों ने भी बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाया. टीएमसी यहां केवल 5 सीटें ही जीत पाई थी. इनका अंतर भी काफी कम था.

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पहले चरण में हिंसा की भी आई खबर

चुनाव की वोटिंग के दौरान जगह-जगह से हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं.मुर्शिदाबाद में टीएमसी और हुमायूं कबीर के बीच झड़प की खबर अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब कुमारगंज में बीजेपी प्रत्याशी पर हमले की खबर सामने आई है.दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज में BJP उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर भीड़ ने हमला कर दिया. जिस कारण उन्हें जान बचाने के लिए भागना पड़ा. इसका एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें पुलिस का एक जवान बीजेपी उम्मीदवार को बचाते हुए घटनास्थल से हटाता नजर आ रहा है. जबकि पुलिस की मौजूदगी में ही कुछ लोग बीजेपी प्रत्याशी पर थप्पड़, मुक्का चलाते नजर आए. 

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