Exclusive: बंगाल में क्या है कांग्रेस की चुनावी रणनीति, जरूरत पर ममता को समर्थन देंगे? जानें अधीर रंजन का जवाब

Bengal Election 2026: कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि बंगाल में पार्टी की चुनावी रणनीति क्या है. क्या वह चुनाव के बाद जरूरत पड़ने पर वह ममता का साथ देगी. जानें हर सवाल का जवाब.

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बंगाल चुनाव पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी.
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  • कांग्रेस ने बंगाल विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का निर्णय क्यों लिया, अधीर रंजन ने बताया
  • अधीर रंजन चौधरी का मानना है कि जहां कांग्रेस मजबूत होगी वहां एंटी ममता वोट उनकी ओर आएंगे
  • अधीर ने कहा कि कांग्रेस को किसी की बैसाखी नहीं बनना है. पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी
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कोलकाता:

बंगाल चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, कांग्रेस ने प्रचार तेज कर दिया है. बंगाल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और बहरामपुर के उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी भी चुनावी रणभूमि में पूरी तरह से एक्टिव हैं. वह लगातार जनता तक पहुंच बनाए हुए हैं. उन्होंने NDTV से बातचीत में कांग्रेस के अकेले लड़ने से लेकर मुस्लिम वोटों और ममता बनर्जी की राजनीति तक, हर एक सवाल का जवाब दिया. अधीर रंजन ने कहा कि वह पूरी तरह तंदुरुस्त हैं और सुबह-सुबह चलकर चुनाव प्रचार करते हैं.

सवाल- बंगाल में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला क्यों किया?

जवाब- ये कांग्रेस का फैसला है. हम दमखम से लड़ रहे हैं. यह हम सब का फैसला है कि हम कितना आगे जा सकते हैं. पार्टी ने पहले लेफ्ट के साथ संगठन किया था लेकिन सीपीएम के कभी हां तो कभी ना की वजह से अकेले लड़ने का फैसला किया. अब आगे जाने का रास्ता ढूंढेंगे.

सवाल- कांग्रेस के अकेले लड़ने से क्या एंटी ममता वोट बंटेगा, जिससे तृणमूल को फायदा होगा?

जवाब- ये बेकार की बात है. एंटी ममता वोट स्ट्रैटिजी से दिया जाता है. जहां कांग्रेस मजबूत होगी वहां एंटी ममता वोट हमारे पास आएगा.

सवाल- यदि कांग्रेस ने मुस्लिम वोट ले लिया तो क्या ममता को नुकसान हो जाएगा?

जवाब- किसका क्या नुकसान होगा यह हमें नहीं देखना. हमें संघर्ष कर अपनी पार्टी को मजबूत करना है. हमें किसी की बैसाखी नहीं बनना.हम अपने दम पर लड़ेंगे.

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सवाल- वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो किसको फायदा होगा?
जवाब- ध्रुवीकरण की राजनीति बीजेपी और दीदी दोनों को शूट करती है. पहले बंगाल में ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं थी मगर दिल्ली से मोदी और बंगाल में दीदी, दोनों में इस बात की होड़ लगी है कि ज्यादा हिंदू कौन है. कभी मुसलमान वोट को अपनी तरफ लाने की साजिश की जाती है. ये लोग धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करते हैं. अगर धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करना है तो कांग्रेस को वोट करना चाहिए.

सवाल- हुमायूं कबीर और ओवैसी पर क्या कहेंगे?

जवाब- ये वोट कटवा हैं, कुट वोट काटेंगे, लेकिन किसके वोट काटेंगे ये पता नहीं. लेकिन काटेंगे जरूर. हुमायूं कबीर स्टिंग के खिलाफ कोर्ट क्यों नहीं गए और चुप क्यों रहे. उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है. वह आम लोगों को बरगला रहे हैं. लेकिन लोग उसके चंगुल में नहीं फंसेंगे.

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सवाल- और ओवैसी पर आप क्या कहेंगे ?
जवाब- ओवैसी वोट कटवा हैं ये बात सबको पता है.

सवाल- आप लोकसभा का चुनाव कैसे हार गए?
जवाब-लोकसभा में ध्रुवीकरण के कारण मैं हारा .मैं सही से ना हिंदू बन पाया और ना ही मुसलमान ही बन पाया. बस बीच में रह गया और खाई में गिर गया.

सवाल- यदि कांग्रेस कुछ भी सीटें जीतती है और ममता बनर्जी को उसकी जरूरत हो तो क्या कांग्रेस टीएमसी को सर्मथन देगी?

जवाब- ये हाइपोथिटिक सवाल है,, मैं इसका जवाब नहीं दे सकता.

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