- अप्रैल के शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में आंधी-बारिश और तेज हवाओं ने गर्मी के तेवर कम कर दिए हैं
- मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान और हरियाणा में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर सतर्क रहने को कहा है
- सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से भूमध्य सागर से नमी लेकर आने वाली हवाएं बारिश और ओलावृष्टि का कारण बन रही हैं
दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में अप्रैल मे मौसम के बदले रुख ने गर्मी के तेवर ढीले किए हुए हैं. महीने को शुरु हुए महज 4 दिन ही हुए हैं पर मौसम अब तक अपने कई रंग दिखा चुका है. आंधी-बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं ने तो जैसे बढ़ते तापमान को भी थाम लिया है. मौसम विभाग ने (IMD Weather Update) ने दिल्ली-एनसीआर के साथ यूपी-राजस्थान और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया है. करीब 1,000 किलोमीटर लंबा बादलों का एक बड़ा हिस्सा पूरे क्षेत्र में फैल गया है जिसके बाद सूर्यदेव भी कहीं छिप गए.
दिल्ली से सटे राज्यों का हाल जानिए
दिल्ली में आज आंधी-बारिश के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है. अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री पर रहेगा. 5 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच 3 बार मौसम पलटी मारेगा जिसके बाद दिल्ली-एनसीआर में आंधी-बारिश के साथ तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. इस बीच अधिकतम तापमान 33 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री के बीच रहेगा.
दिल्ली से सटे राज्यों पंजाब-हरियाणा की बात करें तो यहां भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश भी हो सकती है. 5 और 6 अप्रैल को मौसम सामान्य रहेगा तो वहीं 7 और 8 अप्रैल को फिर मौसम पलटी मारेगा. इन दो दिन मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है. यूपी और राजस्थान में भी कमोबेश ऐसा ही हाल रहने वाला है. 4 से 10 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा.
बदले मौसम की वजह क्या है?
इस बदले मौसम की वजह एक बहुत सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है.इसे ऐसे समझिए जैसे भूमध्य सागर से आने वाली नमी से भरी एक विशाल हवा की पट्टी.जब यह भारत की ओर बढ़ती है, तो यह मैदानों से उठने वाली गर्म हवा से टकराती है.इससे प्री‑मानसून गतिविधियां शुरू हो जाती हैं. जब सूरज जमीन को गर्म करता है, तो गर्म हवा ऊपर की ओर तेजी से उठती है.अगर यह ठंडी और नम पश्चिमी विक्षोभ वाली हवा से मिल जाए, तो बड़े‑बड़े घने बादल बन जाते हैं, जिन्हें क्यूम्यूलोनिंबस बादल कहा जाता है.
ये बादल वातावरण के ऐसी ताकतवर सिस्टम हैं जो अचानक और तेज बारिश पैदा करते हैं.इस खास मौसम प्रणाली की बनावट बहुत कम देखने को मिलती है. यह हजारों किलोमीटर तक एक सीधी रेखा में फैली हुई है, इसी वजह से आज इतने बड़े इलाके में मौसम का असर दिखाई दे रहा है.
दोपहर से रात तक मौसम रहेगा खराब
आज इस खराब मौसम का सबसे ज्यादा खतरनाक समय दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक माना जा रहा है. मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली‑एनसीआर में तेज़ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. यह सिस्टम पूर्वी और मध्य महाराष्ट्र तक भी पहुंच रहा है. दिल्ली‑एनसीआर और हरियाणा में देर रात तक कभी भी तेज आंधी‑तूफान आ सकता है.इसे थंडरस्क्वॉल कहा जाता है, जिसमें अचानक बहुत तेज हवाएं चलती हैं और यह कुछ मिनटों तक रहती हैं. हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इतनी तेज हवाएं अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं और खड़ी फसलों को गिरा सकती हैं. इसी कारण मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
मौसम की पलटी पर एक नजर
➔सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर‑पश्चिम भारत में बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियां आज 4 अप्रैल को भी जारी रहने की पूरी संभावना हैं. इसके बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जो इस सप्ताह उत्तर‑पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा. इसकी सबसे अधिक गतिविधि 7 और 8 अप्रैल को रहने की उम्मीद है. 4 अप्रैल को कश्मीर घाटी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है
➔मध्य, पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत में 8 अप्रैल तक बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है
➔4 अप्रैल को मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है.
➔7 और 8 अप्रैल को पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में ओलावृष्टि की संभावना है
➔5 से 7 अप्रैल 2026 के बीच झारखंड में भी इसी तरह की मौसम गतिविधि देखी जा सकती है
➔ अगले 7 दिनों के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास रहने की संभावना है
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