- 4 जून को केरल तट से एंट्री लेने के बाद आज 9 जुलाई को मॉनसून ने पूरे देश को कवर कर दिया है.
- IMD ने बताया कि अगले कुछ घंटों में दिल्ली के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है.
- अल नीनो के असर के बीच बीते एक हफ्ते में देश में अच्छी बारिश हुई, जिससे बारिश की कमी का ग्राफ तेजी से भरा है.
Monsoon Rainfall: 4 जून को केरल तट से एंट्री लेने के बाद आज 9 जुलाई को मॉनसून ने पूरे देश को कवर कर दिया है. 35 दिन में मॉनसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है. मुंबई, पुणे सहित आस-पास के जिलों में कई दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद अब दिल्ली-एनसीआर में भी जमकर बारिश हो रही है. दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद सहित आस-पास के जिलों में हो रही झमाझम बारिश से कई जगहों पर भारी जलजमाव हो गया है. इससे पूरे दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक की व्यवस्था चरमरा गई है. कई जगहों पर सड़कों पर घुटने तक पानी जमा है. जलजमाव के कारण ऑफिस आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई लोग भींगते हुए ऑफिस पहुंचे. सुबह-सुबह बच्चों को स्कूल पहुंचाने में भी काफी मशक्कत हुई.
इधर मौसम विभाग के ताजा अपडेट में बताया गया है कि दिल्ली-एनसीआर में अभी बारिश का दौर जारी रहेगा. इससे आज लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है.
एक हफ्ते में 38 से घट कर 23 फीसदी हुई बारिश की कमी
भारत मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जून से 1 जुलाई, 2026 के बीच देशभर में बारिश औसत से 38% कम रिकॉर्ड की गयी थी, लेकिन पिछले एक हफ्ते में मॉनसून के रफ़्तार पकड़ने से बारिश की कमी 23% तक घट गयी है. मॉनसून ने ऐसे समय पर रफ़्तार पकड़ी है जब दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान अल नीनो के असर को लेकर देश में चिंता बढ़ रही थी.
IMD के पूर्व डायरेक्टर ने बताया- अल नीनो के बीच अच्छी बारिश का कारण
भारत मौसम विभाग के पूर्व डायरेक्टर जनरल और जाने-माने मौसम वैज्ञानिक, के.जे. रमेश ने एनडीटीवी से कहा, "अल नीनो का बारिश पर पूरे मॉनसून पर असर पड़े यह ज़रूरी नहीं है. पिछले कुछ दिनों के दौरान अल नीनो का असर मॉनसून के इस सक्रिय फेज़ में नहीं हुआ क्योंकि अरब सागर और भूमध्यरेखीय हिंद महासागर दोनों में अभी वार्मिंग है.
उन्होंने आगे बताया कि इसकी वजह से वाष्पीकरण होकर ज़्यादा नमी भारत की तरफ आ रहा है. पीछे दस दिनों के दौरान वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से एक मध्य-क्षोभमंडलीय चक्रवात (MTC) बना है. ठीक इसी समय बंगाल की खाड़ी में एक दबाव बना. ये दोनों एक दूसरे को फीड करते रहे, जिसकी वजह से गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र से लेकर ओडिशा तक अच्छी बारिश हुई है".
दिल्ली में बीते 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश?
तुकमीरपुर, खजूरी 160 मिमी
सफदरजंग- 73 मिमी
पालम- 63 मिमी
लोदी रोड- 80 मिमी
रिज- 78 मिमी
दिल्ली विश्वविद्यालय- 90 मिमी
आयानगर- 57 मिमी
महरौली- 86 मिमी
छतरपुर- 72 मिमी
मयूर विहार- 103 मिमी
पूसा- 83 मिमी
लोदी रोड AWS- 83 मिमी
प्रगति मैदान- 50 मिमी
नारायण- 63 मिमी
जनकपुरी- 62 मिमी
दिल्ली-NCR में कहां कितनी बारिश.
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, जगह-जगह जलमाव
मौसम विभाग ने बताया कि अगले कुछ घंटों में दिल्ली के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की काफी संभावना है, जबकि अन्य इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.
बारिश के कारण सदर बाजार, नसीरपुर, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर और कुशक रोड समेत शहर के कई इलाकों में जलजमाव हो गया. कुछ स्थानों पर पैदल चलने वालों को घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते देखा गया.
गाजियाबाद के कमला नेहरू में 24 घंटे में 164 मिमी बारिश
पिछले कुछ दिनों के दौरान देश के कई राज्यों में मॉनसून की रिकॉर्ड बारिश रिकॉर्ड की गयी है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली के टीकमपुरी, खजूरी में 160 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी है. दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज़्यादा बारिश गाज़ियाबाद के कमला नेहरू इलाके में हुई है, जहां पिछले 24 घंटे के दौरान 164 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है.
रोहतक रोड पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जहां पंजाबी बाग और शादीपुर के बीच यातायात कई घंटों तक लगभग ठप रहा. स्थिति तब और बिगड़ गई जब कई दोपहिया वाहन चालकों ने बारिश से बचने के लिए 'एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर' के नीचे शरण ली, जिससे जाम की स्थिति पैदा हो गई.
आईटीओ चौराहे पर भी यातायात बाधित रहा. रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर, विशेष रूप से धौला कुआं, महिपालपुर और रजोकरी के पास, कम दृश्यता और जलजमाव के कारण यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा.
मथुरा रोड पर आश्रम के पास, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, जखीरा फ्लाईओवर, मोती नगर, पटेल नगर, नारायणा, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, लाजपत नगर, मूलचंद, आजादपुर, मुकरबा चौक और दिल्ली-नोएडा लिंक रोड के हिस्सों पर भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही.
नोएडा में कई जगहों पर जलजमाव
शहर के सेक्टर-57/58 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर भारी जलभराव देखने को मिला. सड़क पर कई फीट तक पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार थम गई और लंबा जाम लग गया. दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई जगह वाहन पानी में बंद हो गए जबकि पैदल चलने वाले लोगों को गंदे और बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ा.
स्थिति केवल सेक्टर-57/58 तक ही सीमित नहीं रही. सेक्टर-27 की सड़कें भी पूरी तरह जलमग्न नजर आईं. यहां सीवर और नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल गया, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और दुर्गंध का माहौल बन गया. सेक्टर-27 कट के पास स्थित एक निजी स्कूल के बाहर भी जलभराव के कारण अभिभावकों और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
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