"हम उन्हें नेतृत्व सौंप रहे थे, लेकिन उनका ध्यान तो..." INDIA गठबंधन को लेकर कांग्रेस पर जमकर बरसे नीतीश कुमार

नीतीश कुमार का कहना था कि ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि कांग्रेस सूबों के विधानसभा चुनावों में व्यस्त है. गौरतलब है कि कांग्रेस-शासित राजस्थान और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिज़ोरम में भी इसी माह चुनाव होने जा रहा है.

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में CPI की रैली को संबोधित किया...
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नीतीश कुमार ने कहा, "कांग्रेस की दिलचस्पी विधानसभा चुनाव में ज़्यादा..."
इसके बाद INDIA गठबंधन के भविष्य को लेकर अटकलबाज़ी फिर शुरू हो गई
INDIA गठबंधन की पिछली बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर को मुंबई में हुई थी
पटना:

विपक्षी गठबंधन INDIA के भविष्य को लेकर अटकलबाज़ी गुरुवार को एक बार फिर शुरू हो गई, जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) की तैयारियों में कोई प्रगति नहीं होने का दोष कांग्रेस के सिर मढ़ डाला.

नीतीश कुमार का कहना था कि ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि कांग्रेस - INDIA गठबंधन के सबसे बड़े सदस्यों में से एक, जिसे नीतीश कुमार के मुताबिक 'अग्रणी भूमिका' भी सौंपी गई है - सूबों के विधानसभा चुनावों में व्यस्त है. गौरतलब है कि कांग्रेस-शासित राजस्थान और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिज़ोरम में भी इसी माह चुनाव होने जा रहा है.

बिहार की राजधानी पटना में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की एक रैली को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री तथा जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुखिया नीतीश कुमार ने हंसते-हंसते कहा, "हम उनसे लगातार बात करते रहे हैं... उन्हें INDIA गठबंधन में आगे बढ़ा रहे हैं... लेकिन, हालिया वक्त में, उस मोर्चे पर ज़्यादा आगे नहीं बढ़ सके हैं... ऐसा लगता है, जैसे कांग्रेस की दिलचस्पी पांच विधानसभा चुनावों में ज़्यादा है..."

JDU प्रमुख ने कहा, "हम कांग्रेस को नेतृत्व की भूमिका सौंपने पर सहमत हुए थे... लेकिन ऐसा लगता है कि वे अगली बैठक राज्य विधानसभा चुनाव खत्म हो जाने के बाद ही आहूत करेंगे..."

INDIA गठबंधन की पिछली बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर को मुंबई में हुई थी, जिसके बाद घोषणा की गई थी कि अगली बैठक की तारीख कांग्रेस तय करेगी.

अटकल ज़ोरों पर थी कि बैठक दिल्ली में होगी, लेकिन कोई घोषणा नहीं हुई थी. ऐसी भी चर्चा थी कि बैठक मध्य प्रदेश में होगी, जहां चुनाव चल रहे हैं, लेकिन वह भी नहीं हुआ.

आमतौर पर नीतीश कुमार को INDIA गठबंधन के संस्थापक सदस्यों में शुमार किया जाता है. दरअसल, नीतीश कुमार ने ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराने के लिए विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं को एकजुटता की संभावना की याद दिलाई, और उसके बाद अपने तजुर्बे और वरिष्ठता का इस्तेमाल कर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के बीच मध्यस्थ के तौर पर काम किया.

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नीतीश कुमार ने मई माह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा शीर्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी, और फिर समूचे देश का दौरा कर शीर्ष नेताओं से मुलाकातें कीं. इन नेताओं में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसे नेता भी शामिल थे, जिनके ताल्लुकात कांग्रेस से सहज नहीं हैं, लेकिन फिर भी वे INDIA गठबंधन के साथ जुड़ गए.

INDIA गठबंधन की पहली बैठक जून माह में पटना में ही हुई थी, और यहां भी नीतीश कुमार को ही एक बार फिर सुलह करवाने वाले की भूमिका अदा करनी पड़ी, जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने बैठक के बहिष्कार की धमकी दी, क्योंकि कांग्रेस ने दिल्ली प्रशासनिक सेवा अध्यादेश के ख़िलाफ़ AAP के अभियान का साथ नहीं दिया था.

गौरतलब है कि नीतीश कुमार की गुरुवार की टिप्पणी से कुछ ही दिन पहले मध्य प्रदेश चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच भी तकरार नज़र आई थी. SP प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया कि उस समझौते को नजरअंदाज़ किया गया, जिसके तहत उनकी पार्टी को मध्य प्रदेश में छह सीटों पर चुनाव लड़ना था. अखिलेश यादव ने कहा, "अगर मुझे पता होता, तो हम कांग्रेस से बात ही नहीं करते..."

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हालांकि सोमवार को अखिलेश यादव ने इस लड़ाई को कतई महत्वहीन साबित किया, और NDTV से कहा कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा बने रहेंगे.

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