Waqf Bill: लोकसभा में किरेन रिजिजू ने बताया क्यों लाया गया वक्फ बिल, जानें पांच प्रमुख बातें

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) बिल 2025 को पेश किया. अपनी बात रखते हुए रिजिजू ने बताया कि सरकार क्यों इस बिल को लाने की जरूरत पड़ी. उन्होंने वक्फ कानून में 2013 में किए गए बदलावों की कमियां भी गिनाईं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नई दिल्ली:

केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) बिल 2025 को पेश किया. सरकार ने इस विषय पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट के सुझावों को शामिल करते हुए बिल को पेश किया. लोकसभा में बिल को पेश करते हुए रिजिजू ने उन सुधारों की जानकारी दी,जो इस बिल में किए गए हैं. उन्होंने बताया कि अब वक्फ बोर्ड में विषय विशेषज्ञ के रूप में चार गैर मुस्लिम सदस्य भी होंगे. इनमें दो महिलाएं होंगी. उन्होंने बताया कि कम से कम पांच साल तक इस्लाम को मानने वाला ही अपनी संपत्ति को वक्फ के नाम कर पाएगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ करने की कोशिश की कि यह बिल किसी की धार्मिक मान्यताओं में हस्तक्षेप नहीं बल्कि यह केवल वक्फ की संपत्तियों के प्रबंधन के लिए है. आइए जानते हैं कि रिजिजू के भाषण की पांच मुख्य बातें क्या हैं. 

  • साल 2013 में वक्फ में ऐसे बदलाव किए गए जिससे यह बदलाव जरूरी हो गया था. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने काफी संपत्तियों को गैर-अधिसूचित कर दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दी थी.इस बदलाव की वजह से मौजूदा संसद तक पर वक्फ ने दावा कर दिया था. उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी सरकार न आती तो बहुत संभव है कि डिनोटिफाई की गई बाकी संपत्तियों की तरह संसद की यह भूमि भी होती. उन्होंने कहा कि 2013 में यह बिल जबरन पास करवाया गया.उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने 123 प्रॉपर्टी को डिनोटिफाई कर वक्फ को दे दिया था. 
  • साल 2013 में हुए बदलाव की वजह से देश में कोई भी आदमी चाहे वह किसी भी धर्म का हो वक्फ क्रिएट कर सकता है. लेकिन अब इसमें प्रावधान किया गया है कि कम से कम पांच साल तक इस्लाम का पालन करने वाला व्यक्ति ही अपनी संपत्ति वक्फ को दान कर सकता है.
  • किरेन रिजिजू ने कहा कि यूपीए सरकार ने वक्फ कानून में बदलावों के जरिए इसे अन्य कानूनों से ऊपर कर दिया था, इसलिए इसमें नए संशोधनों की जरूरत पड़ी.
  • वक्फ बोर्ड के प्रावधान का किसी मस्जिद, किसी मंदिर किसी धार्मिक स्थल की व्यवस्था से कोई लेना देना नहीं है. यह प्रॉपर्टी के मैनेजमेंट का मामला है. कोई मुसलमान अपना जकात देता है, उसके बारे में हम पूछने वाले कौन होते हैं. सरकार को इससे कोई मतलब नहीं है.यह सिर्फ प्रॉपर्टी के मैनेजमेंट का मामला है.
  • अनुसूचित जनजाति के लोगों की संपत्तियों को वक्फ होने से बचाने के लिए इस बिल में प्रावधान किया गया है कि शिड्यूल-5 और शिड्यूल-6 में आने वाली संपत्तियों को वक्फ नहीं किया जा सकता है. 

ये भी पढ़ें: वक्फ बिल 2025 की वो 10 प्‍वाइंट जिन पर सबसे ज्‍यादा हो सकती है संसद में गर्मागर्मी

Featured Video Of The Day
US-Iran Ceasefire के बीच Hormuz पर ईरान का कड़ा कदम! फिर बंद किया Hormuz Strait | War BREAKING
Topics mentioned in this article