- आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में गूगल और AdaniConneX का AI डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा
- यह भारत का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर होगा, जो 601.4 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा
- इसमें 1 गीगावॉट की क्षमता होगी और इसमें क्लाउड सर्विस, डिजिटल स्टोरेज और एडवांस्ड कंप्यूटिंग शामिल होंगे
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में गूगल के AI डेटा सेंटर की नींव मंगलवार को रख दी गई. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इसकी आधारशिला रखी. विशाखापत्तनम में गूगल यह AI डेटा सेंटर अदाणी एंटरप्राइजेज की जॉइंट वेंचर AdaniConneX के साथ मिलकर बना रहा है. यह भारत का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर होगा. AdaniConneX की स्थापना भारत को डेटा सेंटर हब के तौर पर विकसित करने के लिए की गई थी. यह अदाणी एंटरप्राइजेज और EdgeConneX का जॉइंट वेंचर है.
पिछले साल 14 अक्टूबर को गूगल और AdaniConneX के बीच इस AI डेटा सेंटर को लेकर पार्टनरशिप हुई थी. उसी दिन आंध्र सरकार और गूगल ने नई दिल्ली में एक MoU पर दस्तखत किए थे. विशाखापत्तनम में AI डेटा सेंटर के लिए आंध्र सरकार ने इसी साल फरवरी में 601.4 एकड़ जमीन के आवंटन को मंजूरी दे दी थी.
अब इसकी नींव रख दी गई है. यह देश का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर होगा, जहां AI क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ बड़े पैमाने पर डेटा स्टोरेज की क्षमता होगी.
कहां बन रहा है यह डेटा सेंटर?
गूगल और AdaniConneX का यह AI डेटा सेंटर विशाखापत्तनम के तीन गांवों- तारलुवाड़ा, अदाविवरम और रामबिल्ली में बनेगा. यह डेटा सेंटर 601.4 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा. डेटा सेंटर का सबसे बड़ा कैंपस तारलुवाड़ा में 266.6 एकड़ में बनेगा.
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कब तक बनकर तैयार होगा?
इस डेटा सेंटर पर अगले 5 साल में 15 अरब डॉलर (लगभग 140 लाख करोड़ रुपये) का निवेश होगा. यह AI डेटा सेंटर जुलाई 2028 तक चालू होने की उम्मीद है.
कितना बड़ा होगा यह डेटा सेंटर?
अदाणी ग्रुप और गूगल का यह डेटा सेंटर 600 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैला होगा. यह कितना बड़ा है? इसे ऐसे समझ सकते हैं कि यह एरिया सैकड़ों फुटबॉल मैदान और 5 वेटिकन सिटी के बराबर है. एक फुटबॉल मैदान औसतन 1.32 एकड़ में फैला होता है. वहीं, वेटिकन सिटी लगभग 110 एकड़ में फैला है.
इसमें क्या-क्या होगा?
यह भारत का पहला ऐसा AI डेटा सेंटर होगा, जिसकी क्षमता 1 गीगावॉट की होगी. इसके साथ ही यह एशिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा क्लस्टर होगा. यहां पर क्लाउड सर्विस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्टोरेज और एडवांस्ड कंप्यूटिंग का सपोर्ट मिलेगा. इसमें सबसी केबल कनेक्टिविटी और हाई स्पीड फाइबर नेटवर्क भी शामिल होंगे, जो विशाखापत्तनम को ग्लोबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ेंगे.
फायदा क्या होगा?
5 साल के अंदर-अंदर यह AI डेटा सेंटर बनकर तैयार होने की उम्मीद है. यह भारत की AI क्षमता में एक नई क्रांति लाने के लिए कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाएगा.
इसमें गीगावॉट स्तर के डेटा सेंटर, सबसी केबल नेटवर्क और क्लीन एनर्जी शामिल होगी, ताकि भारत में सबसे तेजी से बढ़ते AI कामकाज को संभाला जा सके. इस AI डेटा सेंटर से विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश और पूरे देश में आर्थिक विकास का एक मजबूत इंजन तैयार होगा.
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