करूर भगदड़ को लेकर विजय ने लगाया साजिश का आरोप , बोले - मुझे भी न्याय चाहिए

एक्टर से नेता बने विजय की पिछले साल 27 सितंबर को करूर में हुई रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे.

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तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख विजय ने करूर में पिछले साल हुई भगदड़ में साजिश का आरोप लगाया है और न्याय की मांग की है. पूर्वी तिरुचिरापल्ली विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विजय ने कहा कि जैसा कि कई लोग जोर दे रहे हैं, करूर की घटना एक संयुक्त साजिश थी. 

पिछले साल 27 सितंबर को एक्टर से नेता बने विजय की करूर में हुई रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. विजय ने अपनी आखिरी फिल्म जननायकन की रिलीज को लेकर भी साजिश का दावा किया और कहा कि मैं आपके लिए न्याय मांगने आया हूं और खुद भी न्याय चाहता हूं. 

चुनावी रैली में विजय ने डीएमके और बीजेपी पर निशाना साधा और लोगों से कहा कि इन दोनों पर ही भरोसा नहीं करना चाहिए. उन्होंने डीएमके पर 'कैश बॉक्स अलायंस' (गल्लापेटी कूटानी) बनाने और अन्य पार्टियों से अनैतिक संबंधों को आरोप लगाया. 

उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2021 के चुनाव में उन्होंने गैस सिलेंडर पर 100 रुपये सब्सिडी, गन्ना किसानों को 4 हजार रुपये की एमएसपी, राशन दुकानों से एक किलो दाल-चीनी एक्स्ट्रा देने जैसे वादे किए थे, लेकिन कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ. 

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विजय ने एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की तीखी आलोचना की और कहा कि अगर पहले से योजना बना ली गई होती तो यह संकट टाला जा सकता था. इसकी वजह से तमाम छोटे होटल और चाय की दुकानें बंद हो गई हैं. 

उन्होंने कहा कि सीएम स्टालिन छापा पड़ने या परिवार में कोई समस्या होने पर तो तुरंत दिल्ली पहुंच जाते हैं. लेकिन क्या वो एलपीजी संकट सुलझाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी गए? विजय ने कहा कि अगर वो सतर्क और सावधान रहते तो संकट इतना नहीं बढ़ता. इसके लिए दोनों जिम्मेदार हैं. 

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