वडोदरा के अमित गुप्ता कतर में हिरासत में, परिवार ने सांसद से लगाई मदद की गुहार

वडोदरा के नागरिक अमित गुप्ता पिछले 10 साल से टेक महिंद्रा में दोहा में जॉब कर रहे थे. वह भोजन करने बाहर जा रहे थे. वहां की सुरक्षा एजेंसी ने उनको हिरासत में ले लिया.

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मध्य पूर्व के देश कतर की राजधानी दोहा में 10 साल से नौकरी कर रहे वडोदरा निवासी अमित गुप्ता को बीती एक जनवरी को वहां की पुलिस ने बिना कारण बताए हिरासत में ले लिया था. तब से वह वहां की जेल में बंद हैं. उनका परिवार उनकी रिहाई के लिए कतर में भारतीय दूतावास से लेकर नई दिल्ली में पीएमओ और स्थानीय सांसद से गुहार लगा रहा है. अमित की मां पुष्पा गुप्ता शनिवार को सांसद हेमांग जोशी के घर मदद मांगने पहुंचीं. सांसद ने उन्हें हर संभव मदद देने का वादा किया. 

अमित गुप्ता के परिवार को अब तक यह नहीं बताया गया कि उनके बेटे को गिरफ्तार क्यों किया गया, और न ही कोई ठोस कारण सामने आया है.

कतर गए माता-पिता, एक महीने तक करते रहे कोशिश, नहीं हुई मुलाकात

उनकी मां पुष्पा गुप्ता के अनुसार, उन्हें पहले तो कुछ पता ही नहीं चला कि अमित कहां हैं, जब दो दिन तक उनका फोन नहीं लगा तो परिवार को इस बात का पता चला. इसके बाद, उनके माता-पिता ने कतर का रुख किया और वहां एक महीने तक रहकर बेटे से मिलने की कोशिश की, लेकिन केवल एक बार, वो भी आधे घंटे के लिए, उन्हें अमित से मिलने का अवसर मिला.

कंट्री मैनेजर थे अमित, गिरफ्तार क्यों किया, पता नहीं

पुष्पा गुप्ता ने बताया, "मेरे बेटे को 48 घंटे तक बिना कुछ खाए-पिए रखा गया और उसके बाद उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया. वह अब तक वहीं बंद है." उनके मुताबिक, जानकारी मिली है कि उनकी कंपनी में किसी ने गड़बड़ी की और चूंकि अमित कंट्री मैनेजर थे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, यह सब उनके लिए अब भी एक रहस्य बना हुआ है.

वडोदरा सांसद ने मदद का दिया आश्वासन

इस मुश्किल घड़ी में वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने मुश्किल वक्त में परिवार की मदद करने का आश्वासन दिया है. सांसद ने बताया, "वडोदरा के नागरिक अमित गुप्ता पिछले 10 साल से टेक महिंद्रा में दोहा में जॉब कर रहे थे. वह भोजन करने बाहर जा रहे थे. वहां की सुरक्षा एजेंसी ने उनको हिरासत में ले लिया. इसके बाद उनके माता-पिता कतर गए थे. एक महीने तक वहां रहे. उनसे मिलने का प्रयत्न भी किया. जिस वजह से उनको हिरासत में लिया वह कार्रवाई भी शुरू नहीं हुई है. इसके लिए हम विदेश मंत्रालय की मदद से ज्यादा से ज्यादा मदद करने के प्रयास में हैं. इसके अलावा दिल्ली में कतर के जो राजदूत हैं, उनसे भी हम मदद लेंगे. इन सब के समक्ष इस सप्ताह अपनी मांग रखूंगा."

पीएमओ और दूतावास से मांगी मदद

अमित गुप्ता के परिवार ने दिल्ली में पीएमओ और कतर में भारतीय दूतावास से भी मदद मांगी है, ताकि उनका बेटा जल्द से जल्द घर वापस आ सके. उनकी मां ने कहा, "हर बुधवार को हमें सिर्फ पांच मिनट के लिए बात करने का मौका मिलता है, लेकिन हम सिर्फ अपने बेटे की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं." 
 

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