उत्तराखंड (Uttarakhand) की बीजेपी सरकार में मंत्री पद से बर्खास्त और बीजेपी (BJP) से निकाले गए हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) ने दो टूक कहा है कि अगले महीने होने वाले विधान सभा चुनाव में राज्य में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है. उन्होंने कहा कि वो बिना किसी शर्त के कांग्रेस के लिए काम करते रहेंगे.
बीजेपी से निष्कासन के बाद मीडिया से बात करते हुए रावत ने कहा, ठहमाम में सब नंगे हैं. बीजेपी में मैं सबको ऊपर से नीचे तक जानता हूं. पिछले पांच साल में ये लोग कुछ नहीं कर सके. रोजगार दिया नहीं, विकास किया नहीं, उल्टे महंगाई बढ़ा दी है. तो इनको कुछ न कुछ आरोप लगाकर तो निकालना था." उन्होंने कहा, "जिनके घर शीशे के होते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं मारने चाहिए."
उन्होंने बताया कि दो दिन पहले वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले थे और चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई थी लेकिन पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. बताया जाता है कि हरक सिंह रावत अपनी बहू अनुकृति के लिए लैंसडौन विधानसभा सीट से टिकट मांग रहे थे. काफी समय से हरक सिंह रावत के कांग्रेस में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं.
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत बीजेपी से निष्कासित, मंत्रिमंडल से भी बर्खास्त
हरक सिंह रावत को बीजेपी ने रविवार को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया. भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर रावत को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. कौशिक के हवाले से उन्होंने बताया कि अनुशासनहीनता के चलते रावत को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
वीडियो: उत्तराखंडः BJP से कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत निष्कासित, सीएम ने मंत्रिमंडल से भी किया बर्खास्त