उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे जैसे बड़े एक्सप्रेसवे बन चुके हैं या पूरे होने के करीब हैं. ऐसे में अब सरकार इन एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर प्रदेश में एक्सप्रेसवे ग्रिड बनाने पर फोकस किया है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने एक्सप्रेसवे नेटवर्क की ग्रिड कनेक्टिविटी के लिए 67800 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इससे 932 किमी के आठ नए लिंक और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण का रास्ता साफ होगा. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े एक्सप्रेसवे का ग्रिड बनेगा.
1. झांसी लिंक एक्सप्रेसवे
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन का है. ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को सीधे झांसी और बीडा इंडस्ट्रियल सिटी से जोड़ता है. इससे बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखंड को रफ्तार मिलेगी. ये 118.9 किमी का सर्वे हो सकता है. इसकी निर्माण लागत 5001 करोड़ हैं, जो भूमि अधिग्रहण समेत 7968 करोड़ रुपये हो सकती है. टेंडर जारी करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर रहेगी और निर्माण कार्य 3 साल में पूरा होगा.
2. जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे
जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है, जो जेवर में नोएडा एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे को बुलंदशहर के रास्ते 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा.इससे वेस्ट यूपी, मेरठ और दिल्ली समेत पूरे एनसीआर की जेवर एयरपोर्ट से सीधी हाईस्पीड कनेक्टिविटी होगी. करीब 75 किमी में लगभग 9 किमी एलिवेटेड रोड होगा. इसकी लागत 4500 से 5200 करोड़ रुपये हो सकती है. 15 अक्टूबर तक टेंडर की समयसीमा के साथ ढाई से 3 साल में कंप्लीट होगा.
UPEIDA expressway in Uttar Pradesh
3. लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे
लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन का है, जो 294 किमी लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को लखनऊ शहर के बाहर जोड़ेगा. इससे दिल्ली-नोएडा से आगरा होते हुए गाजीपुर, बिहार जाने वाले वाहनों को लखनऊ के ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी.51 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे की लागत लगभग 4776 करोड़ है. 15 अक्टूबर तक टेंडर जारी करने के साथ दो से ढाई साल में ये बनाने का टारगेट है.
4. फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे
फर्रुखाबाद का यह 6 लेन का लिंक एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद से जोड़ते हुए शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे कनेक्ट करेगा. यह कॉरिडोर इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई और शाहजहांपुर को राज्य के दो मुख्य एक्सप्रेसवे से जोड़कर हाईस्पीड कनेक्टिविटी देगा. 91 किमी के लिंक एक्सप्रेसवे की लागत 5500 से 6 000 करोड़ रुपये है. 15 अक्टूबर तक टेंडर के साथ 30 माह में ये पूरा होगा.परियोजना में 95% भूमि अधिग्रहण हो चुका है.
5. चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे 4 लेन (6 लेन तक विस्तार) बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट को चित्रकूट धाम और मध्य प्रदेश बॉर्डर से जोड़ेगा. इससे चित्रकूट और बुंदेलखंड डिफेंस नोड को डायरेक्ट सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलेगी. 15 किमी के लिंक एक्सप्रेसवे की लागत 800 करोड़ रुपये है. 30 अक्टूबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के साथ दो से ढाई साल में ये पूरा होगा.
6. विंध्य एक्सप्रेसवे का रूट
यह 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रयागराज से मिर्जापुर, भदोही होते हुए सोनभद्र से सिंगरौली, एमपी बॉर्डर तक जाएगा. ये गंगा एक्सप्रेसवे के प्रयागराज टर्मिनल और बुंदेलखंड, पूर्वांचल के साथ विंध्य क्षेत्र के खनन-ऊर्जा हब को लखनऊ और दिल्ली से सीधे जोड़ेगा. 320 से 333 किमी के विंध्य एक्सप्रेसवे की लागत 25 हजार करोड़ रुपये है. 30 नवंबर तक टेंडर की समयसीमा के साथ 4 सालों में इसे पूरा करने का लक्ष्य है.
7. विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे
6 लेन का ये लिंक एक्सप्रेसवे विंध्य एक्सप्रेसवे को वाराणसी-गाजीपुर क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. सोनभद्र, मिर्जापुर और वाराणसी को गाजीपुर, बलिया और बिहार बॉर्डर तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी. 117 किमी के एक्सप्रेसवे 7500-8000 करोड़ खर्च होंगे.30 नवंबर तक टेंडर तीन साल में ये पूरा होगा.
8. हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे
हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे 6 लेन का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है. वेस्ट यूपी में गंगा एक्सप्रेसवे के छोर मेरठ और मुजफ्फरनगर को उत्तराखंड बॉर्डर और हरिद्वार, रुड़की से कनेक्ट करेगा. यह दिल्ली-नोएडा और यूपी के यात्रियों को उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों तक तेज कनेक्टिविटी देगा.लगभग 120 से 146 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे पर 10 हजार 500 करोड़ रुपये लागत आ सकती है. 30 नवंबर तक टेंडर की समयसीमा के साथ ये तीन साल में पूरा होगा.
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