UP Police Recruitment: अगर आप खाकी वर्दी पहनने का सपना देखते हैं और उत्तर प्रदेश से हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है. साल 2026 आपके सपनों को हकीकत में बदल सकता है. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार इस साल करीब 81 हजार युवाओं की पुलिस में भर्ती करने जा रही है. इससे पहले भी राज्य में 90 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती हो चुकी है या प्रक्रिया जारी है. खास बात यह है कि महिला अभ्यर्थियों को भी प्राथमिकता के आधार पर पुलिस बल में शामिल किया जा रहा है.
लखनऊ में समीक्षा बैठक, सीएम योगी के सख्त निर्देश
गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग की विभिन्न इकाइयों की गतिविधियों और भावी कार्ययोजना की व्यापक समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और सक्षम मानव संसाधन पर बराबर ध्यान देना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए और परिणाम देने वाली कार्यप्रणाली अपनाई जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल मिल सके.
इन पदों पर होगी भर्ती?
बैठक में जानकारी दी गई कि उपनिरीक्षक, आरक्षी सिविल पुलिस, रेडियो सहायक परिचालक, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय) सहित कई श्रेणियों में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रस्तावित है. इनमें से कुछ भर्तियों की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है. मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को निर्देश दिए कि सभी सीधी भर्तियां पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और आरक्षण नियमों के अनुरूप तय समयसीमा में पूरी की जाएं.
पहले से चल रही भर्तियों का भी अपडेट
प्रदेश में 60,244 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. इसके अलावा पिछले साल 32,679 पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जा चुकी है. उम्मीद है कि इन पदों पर भी जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर चयनित अभ्यर्थियों को सेवा में शामिल किया जाएगा. गौरतलब है कि 60,244 पदों की भर्ती अब तक की सबसे बड़ी भर्ती रही है, जिसमें चयनित पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग पूरी कर उन्हें अब ग्राउंड पर तैनात किया जा रहा है.
चुनावी साल में भर्ती का बड़ा असर
उत्तर प्रदेश के लिए यह साल चुनावी दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है. अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. ऐसे में यदि 81 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी हो जाती है, तो यह सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आ सकती है. यदि 60,244, 32,679 और प्रस्तावित 81,000 भर्तियों को जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा 1,73,923 तक पहुंच जाता है. जाहिर है, इतने बड़े स्तर पर सरकारी नौकरियों का सृजन चुनावी परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
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