महिला आरक्षण पर मायावती ने कह दी बड़ी बात, कोटे में कोटा की मांग दोहराई

नारी वंदन अधिनियम पर यूपी की पूर्व सीएम मायावती का बयान सामने आया है. उन्होंने एससी एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण की मांग की है.

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  • बीएसपी प्रमुख मायावती ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने वाले बिल का स्वागत किया है
  • मायावती महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण की वकालत करती हैं और इसे उनकी आबादी के अनुसार उचित मानती हैं
  • उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण देने पर जोर दिया है ताकि उन्हें लाभ मिल सके
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देश में महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण का लाभ देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. मायावती ने इस बिल का स्वागत करते हुए कहा है कि ये देर से उठाया गया सही फैसला है. मायावती ने कहा कि वो महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण की वकालत करती हैं और मानती हैं कि महिलाओं की आबादी के हिसाब से उन्हें आधा आरक्षण मिलना चाहिए.

'SC,ST और OBC की महिलाओं को अलग से मिले कोटा'

बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि उनका मानना है कि एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं को अलग से कोटा दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की असली हकदार एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाएं हैं. अगर इस बिल में इन महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई, तो ये महिलाएं फायदे से वंचित रह जाएंगी. उन्होंने कहा कि ऐसा ना होने से ऐसी महिलाओं को फायदा मिलेगा, इस पर संदेह है.

कांग्रेस पर साधा निशाना

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बीएसपी सुप्रीमो मायावती में कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिए जाने की बात कांग्रेस पार्टी को अब क्यों याद आ रही है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में इस जरूरी मुद्दे को जातिगत द्वेष की वजह से दरकिनार कर दिया था. उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने 'हिंदू कोड बिल' लाकर महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने की कोशिश की थी लेकिन तब भी कांग्रेस में इसका विरोध किया था.

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आंकड़ों की बात करें तो बहुजन समाज पार्टी की स्थिति बेहद कमजोर है. लोकसभा में बीएसपी का एक भी सांसद नहीं है वहीं राज्यसभा में बीएसपी का सिर्फ एक सांसद मौजूद है. यूपी विधानसभा में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है जहां बीएसपी से सिर्फ एक विधायक चुनाव जीत सका था. हालांकि बीएसपी के पास अभी भी दलितों का एक बड़ा वोट बैंक है. ऐसे में मायावती का समर्थन एनडीए सरकार के लिए राहत की खबर है.

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