भारत की वर्तमान मासिक अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने अफगानिस्तान के एक धार्मिक स्कूल में छात्रों और बच्चों पर हुए ‘‘जघन्य'' आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है तथा आतंकवाद के इन ‘‘निंदनीय'' कृत्यों के लिए जवाबदेह अपराधियों को पकड़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
देश के समांगन प्रांत के ऐबक में 30 नवंबर को हुए हमले में कम से कम 20 छात्रों और बच्चों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए. यूएनएससी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा, ‘‘परिषद 30 नवंबर को समांगन प्रांत के ऐबक में धार्मिक स्कूल में मासूम छात्रों और बच्चों पर हुए जघन्य आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करती है.''
यूएनएससी के सदस्यों ने दोहराया कि सभी तरह के आतंकवाद अफगानिस्तान के साथ-साथ दुनिया में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है तथा सभी संबंधित पक्षों से बच्चों समेत नागरिकों की रक्षा और सुरक्षा का सम्मान करने एवं सभी शैक्षिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा.
बयान में कहा गया, ‘‘यूएनएससी के सदस्यों ने आतंकवाद के इन निंदनीय कृत्यों के अपराधियों, वित्त पोषण करने वालों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने तथा उन्हें न्याय के कठघरे में लाने की आवश्यकता को रेखांकित किया. सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों के तहत अपने दायित्वों के अनुसार इस संबंध में सभी संबंधित प्राधिकारों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करने का आग्रह किया.''
भारत ने एक दिसंबर को 15 देशों की सुरक्षा परिषद की मासिक अध्यक्षता संभाली और इस महीने के अंत में विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में आतंकवाद और बहुपक्षवाद पर कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा.
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