शख्‍स ने दुर्घटना में पत्नी-बेटे को खोया, कंज्‍यूमर कोर्ट ने कहा- ट्रैवल एजेंसियां दें 50 लाख का मुआवज़ा

कंज्यूमर कोर्ट ने माना की ट्रैवल एजेंसीज थॉमस कुक और रेड एप्पल की तरफ से लापरवाही ने हादसे को न्योता दिया. लिहाज़ा एजेंसीज पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

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कनुप्रिया सहगल का परिवार थॉमस कुक और रेड एप्पल ट्रैवल के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में गया था...
नई दिल्‍ली:

एनडीटीवी की एंकर रहीं कनुप्रिया सैगल, उनके बेटे श्रेयस और पिता गंगा प्रसाद विमल की 2019 में श्रीलंका के कोलंबो में सड़क हादसे में मौत हो गई. पति योगेश सैगल और बेटी ऐश्वर्या हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए और बाल-बाल बचे. अब कंज्यूमर कोर्ट ने माना की ट्रैवल एजेंसीज थॉमस कुक और रेड एप्पल की तरफ से लापरवाही ने हादसे को न्योता दिया. लिहाज़ा एजेंसीज पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. 

इंडियन एंबेसी ने हमारी काफी मदद की
योगेश सैगल ने बताया, "हम कंज्‍यूमर कोर्ट में इस मामले को लेकर साल 2022 में गए थे. कोविड का टाइम था, कोर्ट्स बंद थे, इसलिए हम पहले नहीं जा पाए. लेकिन कंज्यूमर कोर्ट ने बहुत जल्दी फैसला दिया. हालांकि, हमें इसके लिए बहुत कुछ प्रूव करना पड़ा." उन्‍होंने बताया, "हादसा श्रीलंका में हुआ, इसलिए बहुत सारे डॉक्यूमेंट्री एविडेंस हमारे पास नहीं थे. वहां

इंडियन एंबेसी ने हमारी काफी मदद की. ट्रैवल कंपनियों का रैवैया शुरू से अजीब था, लेकिन एक्सीडेंट होने के बाद भी इंडियन एंबेसी ने हमारी मदद की वहां पर." 

मुआवजे के लिए नहीं थी हमारी लड़ाई...
ट्रैवल एजेंसियों रवैये पर सवाल उठाते हुए योगेश ने कहा, "मैं वहां दो हफ्ते अस्पताल में था. एयरलिफ्ट करवाने में इंश्योरेंस कंपनी ने मदद की. लेकिन जब ट्रैवल कंपनी को संपर्क किया, तो माफी छोड़िए, उन्‍होंने कहा- आप हमसे पैसा एक्सटोर्ट (धमकी देकर मांगना) करना चाहते हैं." उन्‍होंने बताया कि ऐसे में हमें कंज्यूमर कोर्ट जाने की सलाह दी गई, जिसमें हमें नेगलिजेंस प्रूव करना था. कंज्यूमर कोर्ट का बहुत शुक्रगुजार हूं कि फैसला जल्‍दी दिया. हालांकि, जो रकम दी जा रही है, उससे सहमत नहीं हूं, लेकिन साफ कर दूं कि ये लड़ाई पैसे के लिए थी भी नहीं.

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कंज्‍यूमर कोर्ट का ऑब्जर्वेशन बहुत स्ट्रॉन्ग था
योगेश ने बताया, "ट्रैवल एजेंसी का जो ड्राइवर था, उसकी उम्र बहुत ज्यादा थी. साथ ही वह मेडिकली अनफिट था. पुलिस के द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में साफ-साफ कहा गया कि हादसे में ड्राइवर की गलती थी. गाड़ी का लाइसेंस भी नहीं था. साथ ही वो टैक्सी नहीं थी, प्राइवेट व्हीकल था. कोर्ट ने माना कि जो केयर ट्रैवल एजेंसी को करनी चाहिए थी, वो नहीं की गई.

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कोर्ट का ऑब्जर्वेशन बहुत स्ट्रॉन्ग था. अगर यही ऑब्जर्वेशन क्रिमिनल कोर्ट करती, तो जो सीईओ है इस कंपनी का वो जेल जाता. 

"मेरी तो लाइफ ही खत्म हो गई और कंपनी सिर्फ 50 लाख देकर..."
उन्‍होंने कहा कि केस दो कम्पनियों के ऊपर किया गया, पहली- थॉमस कुक, जिससे हमने बुकिंग की थी. दूसरी- रेड एप्पल, जो उनकी वहां की टूर ऑपरेटर हैं. इन्होंने ही टूरिस्ट व्हीकल प्रोवाइड किया था. इन दोनों पर ज्वाइंटली पेनल्टी लगाई है. 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है. ऑर्डर में साफ लिखा है कि आप किसी के नुकसान का पैसे से भरपाई नहीं कर सकते, लेकिन हम आपको 50 लाख का मुआवजा दे रहे हैं. मेरे हिसाब से ये मुआवजा पर्याप्त नहीं है, क्योंकि कंपनी को दर्द नहीं होगा. 50 लाख देने में उनको कोई प्राब्लम नहीं है. यहां पर मेरी तो लाइफ ही खत्म हो गई है. पैसे की बात नहीं, लेकिन उनको भी कुछ दर्द होना चाहिए. अभी हम इसको अपील करेंगे, क्योंकि जो सज़ा कंपनी को दी गई है, उससे हम संतुष्ट नहीं हैं. कंपनी को महसूस होना चाहिए कि उन्होंने किसी की लाइफ बर्बाद की है और इतनी सजा तो कंज्यूमर कोर्ट को देनी ही चाहिए थी,  जिससे आगे के लिए सबक मिले. 

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