जंगल के बीच जब एकाएक बरसने लगी गोलियां, नक्सलियों के साथ मुठभेड़ का VIDEO आया सामने

मुठभेड़ कांकेर जिले के बीनागुंडा गांव के पास हापाटोला जंगल में दोपहर करीब 2 बजे हुई और इसे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया. तीन घायल हुए जवानों में दो बीएसएफ से और एक डीआरजी से है.

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गृह मंत्रालय ने सुरक्षाबलों के साथ पांच सूचनाओं का साझा किया था.

नई दिल्ली:

Maoists killed in Encounter: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 29 नक्सलियों को मार गिराया. इस घटना में तीन जवान भी घायल हुए हैं. मारे गए माओवादियों में शंकर राव (Top Maoist leader Shankar Rao) भी शामिल है, जिसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम था. इस एनकाउंटर का एक वीडियो भी सामने आया है, जो कि एक सुरक्षाकर्मी द्वारा शूट किया गया है. एक मिनट के वीडियो में सुरक्षाकर्मी जंगल से सर्च ऑपरेशन करते नजर आ रहे हैं. तभी अचानक, 20 सेकंड के बाद उनमें से एक अपनी राइफल से दो गोलियां चलाता है. कई तरफ से चिल्लाने की आवाजें वीडियो में सुनाई देती हैं.

वीडियो शूट कर रहा सुरक्षाकर्मी अपने आगे चल रहे कर्मियों को सावधानी से चलने और आगे न बढ़ने की चेतावनी देता है. सुरक्षाकर्मी कहते हुए सुनाई देता है कि "पीछे से कोई फायर नहीं करेगा भाई...''

मुठभेड़ में शामिल टीम का नेतृत्व राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता लक्ष्मण केवट ने किया, जिन्हें छह अन्य पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर मशहूर उन्होंने अब तक 44 माओवादियों को मार गिराया है.

दोपहर करीब 2 बजे हुई मुठभेड़

मुठभेड़ कांकेर जिले के बीनागुंडा गांव के पास हापाटोला जंगल में दोपहर करीब 2 बजे हुई और इसे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया. तीन घायल हुए जवानों में दो बीएसएफ से और एक डीआरजी से है.

बता दें छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद यह पहली बार है जब किसी मुठभेड़ में इतनी बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिनके पास गृह विभाग भी है, ने मुठभेड़ को एक बड़ी सफलता बताया और कहा कि इसका श्रेय बहादुर सुरक्षाकर्मियों को जाता है.

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि जिले के छोटेबेठिया पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीनागुंडा और कोरोनार गांवों के मध्य हापाटोला गांव के जंगल में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 29 नक्सलियों को मार गिराया है.

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जवानों की हालत खतरे से बाहर

सुंदरराज ने बताया कि सुरक्षाबलों को माओवादियों के उत्तरी बस्तर डिवीजन के नक्सली शंकर, ललिता, राजू समेत अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. सूचना के बाद छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के संयुक्त दल को गस्त में रवाना किया था. दल आज दोपहर लगभग दो बजे हापाटोला गांव के जंगल में था तब नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की.

सुंदरराज ने बताया कि इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है. उन्होंने बताया, ''मुठभेड़ में तीन जवान घायल हुए हैं. उन्हें इलाज के लिए हवाई मार्ग से रायपुर ले जाया जा रहा है. जवानों की हालत खतरे से बाहर है.''

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बड़ी संख्या में हथियार भी बरामद

पुलिस अधिकारी ने बताया, ''प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल से 29 नक्सलियों का शव, एके-47 राइफल, एसएलआर राइफल, इंसास राइफल और .303 बंदूक समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद किया गया है.''

सूचना के आधार पर किया ऑपरेशन

केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि बीनागुंडा और आसपास के इलाकों में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना के आधार पर डीआरजी और बीएसएफ को कल देर शाम (15 अप्रैल) नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था.

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उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने सुरक्षाबलों के साथ पांच सूचनाओं का साझा किया था. जिसमें बीनागुंडा क्षेत्र में उत्तर बस्तर क्षेत्र के माओवादियों की मौजूदगी की सूचना थी. यहां नक्सली पांच अप्रैल से शिविर बनाकर रह रहे थे. क्षेत्र में खोजी अभियान जारी है.

राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुठभेड़ को बस्तर पुलिस द्वारा नक्सलवाद पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' करार देते हुए कहा, 'नक्सल विरोधी मोर्चे पर यह पहली बार हुआ कि आमने-सामने की लड़ाई में सुरक्षा बल पूरी तरह से हावी रहे. उन्होंने नक्सलियों को सम्भलने का मौका नहीं दिया.''

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इस घटना के साथ ही इस वर्ष में अब तक कांकेर सहित बस्तर क्षेत्र के सात जिलों में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में 79 नक्सलियों को मार गिराया है. इस महीने की दो तारीख को बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 13 नक्सली मारे गए थे. जबकि 27 मार्च को छह नक्सली मारे गए थे.

नक्सल प्रभावित बस्तर लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा तथा कांकेर सीट में आम चुनाव के दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा.

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