तिरुपति बालाजी मंदिर का प्रबंधन करने वाले तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड ने 2025 में 13 करोड़ 52 लाख से अधिक लड्डू बेचे. यह पिछले एक दशक में लड्डुओं की बिक्री का रिकॉर्ड है.साल 2024 में 12 करोड़ 15 लाख से अधिक लड्डू बेचे गए थे.तिरुपति बालाजी मंदिर के इस प्रसाद को श्रीवारी लड्डू प्रसादम के नाम से जाना जाता है.
क्या कहना है देवस्थानम बोर्ड का
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि श्रीवारी लड्डू प्रसादम की बिक्री में आए उछाल ने पिछले एक दशक में रिकॉर्ड बनाया है. यह श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और उनकी संतुष्टि को दिखाता है. बयान के मुताबिक 2024 की तुलना में 2025 में लड्डुओं की ब्रिक्री में 10 फीसदी का उछाल देखा गया. साल 2024 में 12 करोड़ 15 लाख से अधिक लड्डू बेचे गए थे. इस तरह बीते साल एक करोड़ 37 लाख अधिक लड्डू बेचे गए.
इसके अलावा एक दिन में सबसे अधिक लड्डू बेचेने का रिकॉर्ड भी 2025 में ही बना. बोर्ड के मुताबिक 27 दिसंबर को श्रद्धालुओं ने पांच लाख 13 हजार लड्डू खरीदे थे. बोर्ड के मुताबिक श्रद्धालुओं ने पिछले कुछ महीनों में श्रीवारी लड्डू प्रसादम के स्वाद और गुणवत्ता को लेकर संतुष्टि जताई है.
मंदिर की रसोई में कितने लोग काम करते हैं
यह सुधार श्रीवारी पोटू (मंदिर की रसोई) के अथक प्रयासों का परिणाम है. मंदिर की इस रसोई में 700 श्री वैष्णव ब्राह्मण 24 घंटे दो शिफ्टों में काम करते हैं. इन लड्डओं को सख्त धार्मिक अनुशासन और सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए बनाया जाता है. इस रसोई में प्रतिदिन चार लाख लड्डू बनाने की व्यवस्था है.प्रमुख त्योहारों और व्यस्त समय में इसे बढ़ाकर आ-10 लाख तक कर दिया जाता है. इसमें बफर स्टॉक भी शामिल है. टीटीडी प्रशासन का कहना है कि उसने लड्डू बनाने में प्रयोग की जाने वाली सामग्री की पवित्रता और गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान दिया है.
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