- अमेरिका और ईरान ने मिडिल ईस्ट में करीब 40 दिनों की जंग के बाद सीजफायर कर लिया है लेकिन तनाव बरकरार है
- ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि आने वाले घंटे क्षेत्रीय शांति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं
- ईरान ने अमेरिका से इजरायल को लेबनान पर हमले से रोकने और लेबनान को शांति वार्ता में शामिल करने की मांग की है
मिडिल ईस्ट में करीब 40 दिनों की भीषण जंग के बाद भले ही अमेरिका और ईरान ने सीजफायर कर दिया हो, लेकिन अभी भी हालात तवानपूर्ण ही हैं. एक तरफ इजरायल लेबनान में हमले कर रहा है. वहीं ईरान का कहना है कि अमेरिका-इजरायल की ओर से सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है. इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि आने वाले घंटे बेहद अहम होने वाले हैं. इस बयान के बाद सबकी नजरें एक बार फिर ईरान और अमेरिका-इजरायल संघर्ष पर टिक गई हैं. यह बयान इसलिए भी महत्वपू्र्ण हैं क्योंकि अगले हफ्ते इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता होनी है.
‘आने वाले घंटे बहुत अहम'
ईरान की फार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाएगा. लेकिन किसी भी समझौते पर पहुंचने से पहले उन्होंने कुछ शर्तें भी रखीं और कहा कि अमेरिका को इजरायल को लेबनान पर हमला करने से रोकना होगा. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी शांति प्रक्रिया में लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए और साथ ही यह भी जोड़ा कि 'आने वाले घंटे बहुत अहम हैं.'
इस्लामाबाद में होने वाली US-ईरान वार्ता में कौन-कौन शामिल होगा?
इस बीच पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन लोगों के नाम बताए हैं जो ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए होने वाली बातचीत में शामिल हो सकते हैं. अधिकारियों ने बताया कि राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को होने वाली इस बातचीत का ब्योरा अभी भी तय किया जा रहा है और इसमें शामिल होने वालों की सूची में बदलाव भी हो सकता है.
पाकिस्तान (मेजबान)
- प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ
- फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर, सेना प्रमुख
- इशाक डार, उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री
- लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मलिक, NSA और ISI चीफ
अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल
- जेडी वेंस, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति
- स्टीव विटकॉफ, व्हाइट हाउस के विशेष दूत
- जार्ड कुशनर, राष्ट्रपति के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार
- एडमिरल बार्ड कूपर, CENTCOM कमांडर (शामिल होने की संभावना है)
ईरानी प्रतिनिधिमंडल
- मोहम्मद बाक़र क़ालीबाफ़, ईरानी संसद के अध्यक्ष
- अब्बास अराघची, विदेश मंत्री
- मजीद तख्त-रवांछी
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