- तेलंगाना के जगतियाल जिले में भीमन्ना जातरा के दौरान बकरों के साथ क्रूरता से बलि देने का मामला सामने आया है.
- पुलिस ने रायकल पुलिस स्टेशन में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम समेत संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
- पुलिस ने पी सुधाकर और डी गंगाधर समेत अन्य लोगों को अवैध प्रथा आयोजित करने और अनुमति देने का आरोपी बनाया है.
तेलंगाना के जगतियाल जिले में पशुओं के साथ क्रूरता का झकझोर कर देने वाला मामला सामने आया है. इसके बाद पुलिस ने एक धार्मिक कार्यक्रम के आयोजनों के खिलाफ नियमों को दरकिनार कर पशुओं की बेहद क्रूरता से बलि देने के आरोप में मामला दर्ज किया है. रायकल पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, यह घटना 3 फरवरी की दोपहर करीब 3 बजे की है. रायकल कस्बे के एक मंदिर में भीमन्ना जातरा के दौरान कुछ बकरों की लोगों ने मुंह से काटकर बलि दी. बकरों की बलि देने का तरीका बेहद क्रूर था, जिसके कारण उन्हें असहनीय पीड़ा को सहना पड़ा.
आयोजन स्थल से पशुओं के साथ क्रूरता के वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें देखकर के दिल दहल उठता है. इनमें से एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक शख्स बकरे के गले पर दांतों से काट रहा है और फिर उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया जाता है. यह बकरों के लिए असहनीय पीड़ादायक था.
अवैध प्रथा के आयोजन और अनुमति का आरोप
इस मामले में 35 वर्षीय के अदुलपुरम गौतम ने शिकायत दर्ज कराई है. गौतम एक पशु कल्याण संगठन में क्रूरता निवारण मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने उसी शाम पुलिस को इसकी सूचना दी.
इस मामले में पुलिस ने पी सुधाकर और डी गंगाधर समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया है. पुलिस का आरोप है कि उन्होंने इस अवैध प्रथा को आयोजित किया और इसकी अनुमति दी. भारतीय न्याय संहिता, तेलंगाना राज्य अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पशु संरक्षण कानूनों के उल्लंघन की जांच जारी: पुलिस
सब-इंस्पेक्टर चिटनेनी सुधीर राव ने इस मामले में जांच शुरू होने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि जांच के परिणाम आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों ने कहा कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस आयोजन के दौरान मौजूदा पशु संरक्षण कानूनों का उल्लंघन किया है. साथ ही उन्होंने आयोजकों से कानूनी और मानवीय प्रथाओं का पालन करने का आग्रह किया है.














