तेजस्वी यादव होंगे बिहार से INDIA गठबंधन के राज्यसभा उम्मीदवार, RJD की बैठक में बड़ा फैसला

RJD नेता तेजस्वी यादव राज्यसभा के उम्मीद होंगे. रविवार को राजद की बैठक में यह फैसला लिया गया है. तेजस्वी को बिहार से INDIA गठबंधन के राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है.

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राजद नेता तेजस्वी यादव.
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  • राजद नेता तेजस्वी यादव को बिहार से विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन का राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है.
  • बिहार विधानसभा में 5 राज्यसभा सीटों के चुनाव में एनडीए को चार सीटें मिलना लगभग तय माना जा रहा है.
  • महागठबंधन को पूरे विपक्ष का समर्थन मिलने पर ही राज्यसभा की पांचवीं सीट पर उम्मीदवार जीत सकता है.
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पटना:

RJD नेता तेजस्वी यादव बिहार से विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन से राज्यसभा के उम्मीदवार बनाए गए हैं. राजद की बैठक के बाद इस बात का ऐलान किया गया. तेजस्वी के राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें पहले से चल रही थी, जो राजद की बैठक में सही साबित हुई. मालूम हो कि पिछले साल बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में तेजस्वी को करारी हार झेलनी पड़ी थी. चुनाव परिणाम के बाद लालू परिवार में भी महाभारत छिड़ी. अब तेजस्वी के राज्यसभा भेजने की कवायद से राजद के कुछ कार्यकर्ता हैरान भी हैं. तेजस्वी के राज्यसभा जाने का मतलब उनके बिहार छोड़ने जैसा है. देखना है आगे की राजनीति में क्या होता है. 

बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के लिए होना है चुनाव

मालूम हो कि राज्यसभा के लिए बिहार में पांच सीटों के लिए चुनाव होने हैं. बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) को चार सीटें आराम से मिल सकती है. वहीं महागठबंधन को यदि पूरे विपक्ष ने समर्थन दिया तो उनका एक उम्मीदवार जीत सकता है. यानी पांचवीं सीट पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना है.

पूरा विपक्ष एकजुट हो तभी विपक्षी उम्मीदवार का जीतना संभव

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को इस पाचवीं राजसभा सीट से संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार के तौर पर उतारा जा रहा है. बिहार में एक राज्यसभा सीट के लिए 41 विधायक चाहिए और पूरे विपक्ष को जोड़ने पर आंकडा 41 का ही आता है. बिहार विधानसभा में महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं. जिसमें आरजेडी के 25, कांग्रेस के 6, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के 2 जबकि सीपीआई और आईआईपी के एक-एक विधायक हैं. अगर महागठबंधन को एआईएमआईएम के 5 और बसपा के एक विधायक का समर्थन मिलता है, तो एक उम्मीदवार को जीत सकता है. 

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