- तमिलनाडु चुनाव में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की कोलाथुर सीट पर विपक्षी पार्टियों ने जोरदार चुनौती दी है
- फिल्म स्टार विजय की पार्टी टीवीके ने तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले को जन्म दिया है
- एडप्पाडी सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी को डीएमके और टीवीके के प्रत्याशियों से कड़ी टक्कर मिल रही है
Tamil Nadu election Results तमिलनाडु की सियासी जंग इस बार काफी दिलचस्प नजर आ रही. विजय की पार्टी TVK ने नए समीकरण बना दिये हैं. चुनावी पंडितों का मानना है कि विजय इस बार बड़ा उलटफेर कर सकते हैं. एग्जिट पोल भी कुछ यही इशारा कर रहे हैं. ऐसे में डीएमके सत्ता बचाने के लिए मैदान में है. एआईएडीएमके वापसी की कोशिश कर रही है. इस बीच कुछ हॉट सीटों पर सबकी नजर बनी हुई हैं, जहां से हेवीवेट उम्मीदवार मैदान में हैं. कोलाथुर, तिरुचिरापल्ली ईस्ट और एडप्पाडी समेत 10 ऐसी सीटें हैं, जहां मुकाबला तमिलनाडु की सत्ता की दिशा तय करेगा.
कोलाथुर सीट (Kolathur) DMK का गढ़, दांव पर CM स्टालिन की साख
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की कोलाथुर सीट सबसे अहम मानी जा रही है. यह सीट डीएमके का मजबूत गढ़ रही है. स्टालिन यहां से लगातार जीत दर्ज करते आए हैं, लेकिन इस बार विपक्ष ने भी इस सीट पर पूरी ताकत झोंक दी है. स्टालिन के खिलाफ यहां से AIADMK ने पी संथाना कृष्णन और टीवीके ने वीएस बाबू को मैदान में उतारा है.
तिरुचिरापल्ली ईस्ट (Tiruchirappalli East) विजय की एंट्री से खलबली
फिल्म स्टार विजय की पार्टी टीवीके (TVK) के मैदान में उतरने से तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट चर्चा में है. विजय की लोकप्रियता ने इसे 'हॉट सीट' बना दिया है. इस हाई-प्रोफाइल सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है. AIADMK ने जी राजशेखरन और डीएमके ने एस इनिगो इरुदयाराज को विजय के खिलाफ चुनाव मैदान मे उतारा है. साल 2021 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से DMK के मंत्री केएन नेहरु ने जीत हासिल की थी.
एडप्पाडी (Edappadi): पलानीस्वामी को मिल रही कड़ी चुनौती
एडप्पाडी एडप्पाडी विधानसभा सीट AIADMK के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी का गढ़ है. लेकिन इस बार पलानीस्वामी के लिए मुकाबला आसान नहीं है. उनके सामने डीएमके के प्रत्याशी सी काशी हैं, जो तमिलनाडु में सत्तारूढ़ पार्टी की ताकत और संगठन के बूते इस विधानसभा सीट पर सेंध लगाने में जुटे हुए हैं. वहीं NTK की प्रत्याशी ए प्रियदर्शनी ने इस मुकाबलने को त्रिकोणीय बना दिया है.
चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी(Chepauk-Thiruva llikeni): क्या साख बचा पाएंगे उदयनिधि स्टालिन
चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी से तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की सीट है, जहां DMK की प्रतिष्ठा दांव पर है. यहां एआईएडीएमके के दिग्गज नेता अधि राजाराम उन्हें कड़ी चुनौती देते नजर आ रहे हें. उदयनिधि इस निर्वाचन क्षेत्र से दूसरी बार मैदान में उतरे हैं. यहां से उनके दादा और पूर्व मुख्यमंत्री, स्वर्गीय एम. करुणानिधि, लगातार तीन बार (1996, 2001 और 2006) विधानसभा के लिए चुने गए थे. ऐसे से उदयनिधि के लिए चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी की चुनावी जंग क्या मायने रखती है, ये समझा जा सकता है.
कोयंबटूर दक्षिण (Coimbatore South): यहां बहुकोणीय है मुकाबला
कोयंबटूर दक्षिण मुख्य रूप से एक शहरी निर्वाचन क्षेत्र है, जहां आमतौर पर कड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलता है. कोयंबटूर साउथ सीट पर इस बार भी कांटे की टक्कर देखने को मिली है. डीएमके से सेंथिल बालाजी यहां AIADMK के अम्मान के अर्जुनन को टक्कर देते नजर आ रहे हैं. इसके अलावा टीवीके पार्टी के नेता वी सेंथिल कुमार और एनटीके से वी पेरारिवलन भी इस सीट पर टक्कर दे रहे हैं. यहां मुकाबला बहुकोणीय होता नजर आ रहा है. कोयंबटूर साउथ विधानसभा सीट पर 2021 में बीजेपी की वनथी श्रीनिवासन ने MNM के कमलहसन को 1728 वोटों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी.
बोडिनायाकनूर (Bodinayakanur): साख पर पूर्व डिप्टी सीएम ओ. पनीरसेल्वम की साख
बोडिनायाकनूर सीट से पूर्व डिप्टी सीएम ओ. पनीरसेल्वम मैदान में हैं, जिन्होंने 2021 के चुनाव में यहां से जीत दर्ज की थी. बोडिनायकनूर में इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. बोडिनायकनूर सीट पर मुख्य मुकाबला DMK के ओ. पन्नीरसेल्वम और AIADMK के VT नारायणस्वामी के बीच होने की उम्मीद है, जबकि एस प्रकाश कुमार (TVK) और S कलैअरसु (NTK) भी इस दौड़ में शामिल हैं, जिससे यह एक बहुकोणीय मुकाबला बन गया है।
मदुरै सेंट्रल (Madurai Central): DMK और AIADMK के बीच कड़ा मुकाबला.
मदुरै सेंट्रल में बेहद दिलचस्प चुनावी मुकाबला देखने को मिल रहा है. यहां डीएमके के सबसे चहेते चेहरों में से एक और मंत्री पी. थियागराजन (पीटीआर) का सामना जाने-माने तमिल फिल्म निर्देशक सी. सुंदर से हो रहा है. सुंदर, जो बीजेपी के प्रवक्ता और मशहूर अभिनेत्री खुशबू के पति हैं, एनडीए के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं एनटीके और टीवीके दोनों ने मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. टीवीके ने यहां से मधर बधुरुदीन और एनटीके ने के अब्दुल हकीम को मैदान में उतारा है.
कन्याकुमारी (Kanyakumari): AIADMK को TVK की कड़ी चुनौती
कांग्रेस के राहुल गांधी से लेकर टीवीके के विजय तक कन्याकुमारी सीट पर चुनाव प्रचार करने उतरे. इससे इस सीट की इंपॉर्टेंस समझी जा सकती है. कन्याकुमारी विधानसभा सीट पर डीएमके के आर. महेश, AIADMK के टी.एन सुंदरम और टीवीके के एस आर माधवन के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है. तमिलनाडु की राजनीति की तरह इस सीट पर हर चुनाव में DMK और AIADMK बारी- बारी चुनाव जीतती रही है. साल 2021 के चुनाव में AIADMK ने 16 हजार वोटों के अंतर से कन्याकुमारी विधानसभा सीट पर जीत हासिल की थी.
धर्मपुरी (Dharmapuri): किसका लहराएगा परचम?
धर्मपुरी सीट से एक बार फिर अंबुमणि रामदास की पत्नी सौम्या रामदास पार्टी की उम्मीदवार हैं, लेकिन रामदास सीनियर ने अपना उम्मीदवार ए. सरवनन मैदान में उतारा है. डीएमके ने एक बार फिर चुनाव से किनारा कर लिया है और यह सीट अपने सहयोगी डीएमडीके को दे दी है. जमीनी स्तर पर कौन किसका साथ दे रहा है, इस पर सबकी नजर रहेगी और यह सीट अंबुमणि रामदास के लिए प्रतिष्ठा की असली लड़ाई है और यही उनके राजनीतिक भविष्य का फैसला करेगी. धर्मपुरी में मुकाबला बहुकोणीय रूप लेता दिख रहा है। प्रमुख उम्मीदवारों में डॉ. सौम्या अंबुमणि (PMK), डॉ. वी. इलांगोवन (DMDK), एम. सिवन (TVK) और के. शांता लक्ष्मी (NTK) शामिल हैं। इससे इस सीट यह चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है.













