'कोई हादसा हुआ तो जिम्‍मेदारी कौन लेगा?' : रास्‍ते खोलने पर बहादुरगढ़ में किसानों-प्रशासन की बातचीत बेनतीजा

किसान बॉर्डर पर 5 फुट का रास्ता देने को तैयार हैं इससे पैदल, साइकिल, मोटरसाइकिल, ऑटो और एम्बुलेंस तो निकली जा सकेगी लेकन कारों के आवागमन से किसान नेताओं ने इनकार कर दिया है. किसान नेआतों ने कहा कि कारों को संख्या है बहुत ज्यादा है और सारा दिन जाम लगा रहेगा.

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रविवार सुबह टिकरी बॉर्डर पर प्रशासन की किसानों से फिर बातचीत होगी
नई दिल्‍ली:

Haryana: हरियाणा (Haryana)के बहादुरगढ़ में किसानों की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक बेनतीजा रही है. बैठक से बाहर निकले किसान नेताओं ने बताया कि हमने रास्ते बंद नहीं किए थे लेकिन अब अगर पुलिस इन्‍हें खोलती है तो आंदोलनकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. कोई बड़ा हादसा होता है तो आखिर इसकी जिम्‍मेदारी कौन लेगा? किसान बॉर्डर पर 5 फुट का रास्ता देने को तैयार हैं इससे  पैदल, साइकिल, मोटरसाइकिल, ऑटो और एम्बुलेंस तो निकली जा सकेगी लेकन कारों के आवागमन से किसान नेताओं ने इनकार कर दिया है. किसान नेआतों ने कहा कि कारों को संख्या है बहुत ज्यादा है और सारा दिन जाम लगा रहेगा.

किसानों ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि हरियाणा और दिल्ली पुलिस अलग-अलग रणनीति बना रही है.  दिल्ली पुलिस सिर्फ दिल्ली से हरियाणा आने वालों के लिए रास्‍ता खोल रही, वहीं हरियाणा प्रशासन ने दोनों तरफ का रास्ता खोलने की बात रखी है. संयुक्त किसान मोर्चा ने 6 नवंबर को बैठक बुलाई है जिसमें वे निर्णय लेंगे. बातचीत को लेकर डीसी श्यामलाल पुनिया बोले कि सभी बातों पर सहमति नहीं बनी. कल सुबह 10:30 बजे टिकरी बॉर्डर पर किसानों से फिर बातचीत होगी.

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