"स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" कैसे बना देश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य अभियान? 13 दिन में ही बना रिकॉर्ड 

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देशभर में 29 सितंबर तक 11.31 लाख स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिसमें 6.51 करोड़ से अधिक नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला. इसके अलावा 54.43 लाख गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच हुई और 1.28 करोड़ बच्चों का टीकाकरण किया गया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • केंद्र सरकार के स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान ने 13 दिनों में 6 करोड़ से अधिक नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा दी
  • अभियान के दौरान एक करोड़ से ज्यादा बच्चों का टीकाकरण और लाखों गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच हुई है
  • कैंसर, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, एनीमिया, TB जैसी बीमारियों की व्यापक जांच इस जन आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

केंद्र सरकर द्वारा शुरू किया गया “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान देश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य जन आंदोलन बन गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) से शुरू हुआ यह अभियान सिर्फ 13 दिनों में ही करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने में सफल हुआ और कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं. 

6.51 करोड़ नागरिकों को मिला लाभ 

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देशभर में 29 सितंबर तक 11.31 लाख स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिसमें 6.51 करोड़ से अधिक नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला. इसके अलावा 54.43 लाख गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच हुई और 1.28 करोड़ बच्चों का टीकाकरण किया गया. अभियान के तहत 31 लाख महिलाओं की स्तन कैंसर, 16 लाख की सर्वाइकल कैंसर और 58 लाख लोगों की मुँह के कैंसर जांच की गई. वहीं, 1.44 करोड़ लोगों का ब्लड प्रेशर और 1.41 करोड़ लोगों का मधुमेह टेस्ट भी किया गया. विशेषज्ञों का कहना है कि इन जांचों से बीमारियों की आसानी से पहचान होगी और समय पर इलाज शुरू हो सकेगा. 

पोषण और एनीमिया पर जोर 

अभियान के अंतर्गत 93 लाख से ज्यादा लोगों की एनीमिया जांच की गई. साथ ही लाखों परिवारों को सही खानपान और पोषण पर सलाह दी गई ताकि कुपोषण और खून की कमी से बचा जा सके.

टीबी और सिकल सेल जांच

देशभर में जारी अभियान के तहत 71 लाख लोगों की टीबी और 7.9 लाख लोगों की सिकल सेल जांच की गई है. केंद्र सरकार का स्वास्थ्य केंद्रित यह राष्ट्रीय प्रयास टीबी-मुक्त भारत और सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने की दिशा में मददगार सबित हो सकता है. 

Advertisement

13 लाख लोगों के बने आयुष्मान कार्ड 

मंत्रालय के अनुसार, अभियान के तहत 3.44 लाख लोगों ने रक्तदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जिससे ब्लड की उपलब्धता बढ़ जाएगी. वहीं, 13 लाख से ज्यादा नए आयुष्मान भारत कार्ड बने, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज का लाभ मिलेगा. 

अभियान की रिकॉर्ड सफलता 

17 सितम्बर को शुरू किए गए “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान का लक्ष्य 2 अक्टूबर तक 10 लाख स्वास्थ्य शिविर लगाना था, लेकिन 29 सितंबर तक ही 11.31 लाख शिविर पूरे हो गए. यह स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और जनभागीदारी की एक रिकॉर्ड उपलब्धि है, जो दिखाता है कि लोग बड़ी संख्या में अभियान से जुड़ रहे हैं. 

Advertisement

अभियान क्यों जरूरी है?

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अब सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आंदोलन बन गया है, जो भारत को स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत कदम है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, भारत जैसे बड़े देश में अब भी गैर-संचारी रोग का बोझ, कुपोषण, मातृ और शिशु स्वास्थ्य की बड़ी चुनौतियाँ बनी हुई हैं. इसलिए यह अभियान गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने और लोगों को जागरूक करने का बड़ा प्रयास है.

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti| Bengal Exit Polls 2026: धरने पर बैठ गईं Mamata | बंगाल में भारी बवाल | Mic On Hai