पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता के माता-पिता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ले ली है. हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि पार्टी नेतृत्व ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से उनमें से किसी को पार्टी का उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं.
भाजपा ने अगले महीने होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की दो सूचियां प्रकाशित की हैं, लेकिन उसने अभी तक पानीहाटी से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.
"टिकट का फैसला केंद्र नेतृत्व करेगा"
विपक्ष के नेता ने सोमवार रात को कहा कि पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को पानीहाटी से उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं, इसका निर्णय हमारी पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा. राज्य समिति ने इस मामले में अपनी राय केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है, जिसका खुलासा वे अभी नहीं कर सकते. अब इस मामले में अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में है.
9 अगस्त 2024 को महिला डॉक्टर का मिला था शव
आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर का शव 9 अगस्त, 2024 की सुबह आरजी कर परिसर से बरामद किया गया था. कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इस मामले में एकमात्र दोषी संजय रॉय को गिरफ्तार किया, जो शहर पुलिस का पूर्व नागरिक स्वयंसेवक था.
दोषी को आजीवन कारावास की सजा
बाद में, कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले की जांच का जिम्मा संभाला और केंद्रीय एजेंसी ने भी संजय रॉय को दुष्कर्म और हत्या के अपराध में एकमात्र आरोपी के रूप में पहचाना. बाद में, कोलकाता की निचली अदालत ने संजय रॉय को इस अपराध में एकमात्र दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके बाद, सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में इस आदेश को चुनौती दी और रॉय के लिए मृत्युदंड की मांग की.
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