अजित पवार के निकट सहयोगी सुबोध मोहिते आज उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों पर खासे नाराज हैं. इस वक्त सुबोध मोहिते नागपुर के एक निजी अस्पताल में एक गंभीर सर्जरी हेतु दाखिल हैं. अजित पवार के अंतिम दर्शन के लिए बारामती जाने के लिए वे बेचैन हैं. वो वहां अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते हैं. लेकिन, उनके स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टर उन्हें इजाजत नहीं दे रहे.
चौदहवीं लोकसभा के सदस्य रहे सुबोध मोहिते, अटल बिहारी बाजपेयी कॅबिनेट में हैवी इंडस्ट्रीज मिनिस्टर रहे. उनके अजित पवार के साथ हमेशा घनिष्ठ संबंध रहे. एक माह पूर्व पिछले दिसंबर में अजीत दादा नागपुर उनके घर आए थे. इस अवसर पर करीब एक घंटा दोनों नेताओं ने साथ में चर्चा की थी और साथ में खाना भी खाया था. दोनों की सोशल मीडिया और इंटरनेट पर मौजूद तस्वीरें देख देख वे अस्पताल में शोकाकुल हो रहे हैं. लेकिन, अस्पताल का स्टाफ उन्हें डिस्चार्ज देने हेतु अभी तक तैयार नहीं है. उनका इलाज कर रहे डॉक्टर्स इस पर कुछ बोलने के लिए उपलब्ध नहीं थे.
एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में उन्होंने अजीत दादा के असमय जाने पर भारी शोक जताया. उन्होंने अजीत दादा को जनता के दिलों का राजा बताते हुए कहा, कि दादा महाराष्ट्र के एक स्पष्टवक्ता, दिलदार और अनोखे राजनेता थे जिनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकेगी. डॉक्टरों द्वारा उन्हें इजाजत नहीं दिए जाने पर उन्होंने खासी नाराज़गी जताई और अपने नसीब पर अफसोस जताया.














