चुनावी राज्यों में पीएम मोदी की तस्वीर का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में नहीं होगा इस्तेमाल : सूत्र

चुनाव आयोग ने शनिवार को यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था. इन राज्यों में तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है. इसी के तहत यह कदम उठाया गया है. 

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पीएम मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल वैक्सीन सर्टिफिकेट में नहीं होगा
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर (PM Modi Photo)  इस्तेमाल उन पांच राज्यों के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट (Covid vaccination certificates )  में नहीं होगा, जहां अगले माह विधानसभा चुनाव होने हैं. सूत्रों ने रविवार को ये जानकारी दी है. चुनाव आयोग ने शनिवार को यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था. इन राज्यों में तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है. इसी के तहत यह कदम उठाया गया है. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है, जगह-जगह से चुनावी राज्यों में बैनर पोस्टर होर्डिंग आदि भी हटाए जा रहे हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल इन राज्यों में वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट में नहीं हो सकेगा.

सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविन प्लेटफॉर्म (CoWIN platform ) में ऐसे में बदलाव किए हैं, जिससे इन राज्यों के वैक्सीन सर्टिफिकेट में पीएम मोदी की फोटो को अलग किया जा सके. सूत्रों के अनुसार, ये फिल्टर शनिवार रात को ही लागू कर दिए गए थे, जब चुनावी तारीखों का घोषणा के बाद मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (model code of conduct) लागू किया गया था. चुनाव आचार संहिता सरकारों, उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए प्रभावी हो गई है.  

चुनाव आयोग ने शनिवार को यूपी, पंजाब, मणिपुर, गोवा और उत्तराखंड (UP, Uttarakhand, Punjab, Manipur and Goa) के लिए विधानसभा चुनाव फरवरी मार्च के बीच कराने का ऐलान किया था. यूपी में सबसे ज्यादा सात चरणों में मतदान होना है. जबकि मणिपुर में दो और बाकी तीन राज्यों में 14 फरवरी को एक चरण में ही वोटिंग की जाएगी. मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने इसकी घोषणा की थी.

आधिकारिक सूत्रों ने कहा, इन पांच राज्यों में वैक्सीनेशन के बाद लोगों को जो सर्टिफिकेट मिलेगा, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर नहीं होगी. इसके लिए जरूरी तकनीकी बदलाव कोविन प्लेटफॉर्म पर पहले ही लागू किए जा चुके हैं. इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने मार्च 2021 में इसी तरह की पहल की थी, जब असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव हुए थे. चुनाव आयोग ने तमाम राजनीतिक दलों से शिकायतें मिलने के बाद सरकार से इसके लिए अनुरोध किया था. 

गौरतलब है कि चुनाव आयोग (Election Commission) ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 15 जनवरी तक चुनावी रैलियों, रोडशो, पदयात्राओं पर पाबंदी लगा दी है. इस दौरान किसी भी तरह की साइकिल या बाइक यात्रा भी नहीं निकाली जा सकेगी. चुनाव आयोग 15 जनवरी के बाद हालात की समीक्षा करेगा. 

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