- सोनम वांगचुक को करीब छह महीने की हिरासत के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत रिहा किया गया है
- लद्दाख आंदोलन लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर जारी है
- लेह एपेक्स बॉडी ने एनडीएस ग्राउंड में सोनम वांगचुक के स्वागत के लिए सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया है
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आज 22 मार्च को लेह पहुंचेंगे. करीब छह महीने की हिरासत के बाद उनकी रिहाई हुई है. उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत रखा गया था. उनकी वापसी से लद्दाख में चल रहे आंदोलन को फिर ताकत मिल सकती है. ये आंदोलन लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहा है. स्थानीय लोग उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं.
स्वागत की तैयारी
लेह एपेक्स बॉडी ने उनके स्वागत की तैयारी की है. एनडीएस ग्राउंड में एक सार्वजनिक कार्यक्रम होगा. लोगों से सुबह पहुंचने की अपील की गई है. आयोजकों ने लोगों से एयरपोर्ट न जाने को कहा है औऐर उन्हें सीधे कार्यक्रम स्थल पर आने की सलाह दी गई है. हालांकि, सोनम वांगचुक सादगी से लौटना चाहते थे. वो किसी बड़े स्वागत के पक्ष में नहीं थे. 14-15 मार्च के आसपास उनकी रिहाई हुई थी. उन्हें जोधपुर जेल में रखा गया था. स्थानीय नेताओं ने उनकी रिहाई को बड़ी जीत बताया है.
मांगें अभी भी पूरी नहीं हुईं
सोनम वांगचुक का कहना है कि मुख्य मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं. नेताओं ने बाकी बंदियों की रिहाई की भी मांग की है. लेह अपेक्स बाडी व कारगिल डेमोक्रेटिक अलांयस की ओर से सोनम वांगचुक की रिहाई का मुद्दा केंद्र सरकार से लगातार उठाया जा रहा था. लद्दाख के मुद्दों को लेकर गृह मंत्रालय की हाइ पावर कमेटी की बैठक में भी इसे उठाया गया था.
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सरकार ने उनकी हिरासत को तुरंत प्रभाव से खत्म किया था. रिहा होने के बाद वांगचुक ने साफ किया है कि लद्दाख के मुद्दों को लेकर लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. लद्दाख के लोगों की विश्वास बहाली के लिए जरूरी है कि केंद्र सरकार सकरात्मक और सार्थक बातचीत को अंजाम तक पहुंचाएं.
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