हमास की मदद करने के दावे के बीच छह यूरोपीय देशों ने रोकी संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की फंडिंग

हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमलाकर वहां 1200 लोगों की जान ले ली थी. जिसके जवाब में इजरायल भी गाजा को लगातार निशाना बना रहा है.

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ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विटजरलैंड और फिनलैंड ने रोकी फंडिंग

संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के बाद छह यूरोपीय देशों ने भी फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) की फंडिंग रोक दी है. यूएनआरडब्ल्यूए स्टाफ सदस्यों पर सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के आतंकवादी हमले में शामिल होने के आरोपों के बाद ये कदम उठाया गया है. रॉयटर्स के अनुसार, इजरायल के आरोपों के बाद ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विटजरलैंड और फिनलैंड फंडिंग रोकने वाले देशों की सूची में शामिल हुए हैं.

यूएनआरडब्ल्यूए के कमिश्नर-जनरल फिलिप लेज़ारिनी ने एक्स पर कहा, "गाजा में फिलिस्तीनियों को इस अतिरिक्त सामूहिक सजा की आवश्यकता नहीं थी." "यह हम सभी पर कलंक है." एजेंसी ने शुक्रवार को कहा कि उसने कई कर्मचारियों की जांच शुरू कर दी है और उन लोगों से संबंध तोड़ दिए हैं.

अधिक दाताओं के निलंबन को प्रोत्साहित करते हुए, इजरायल के विदेश मंत्री इज़राइल काट्ज़ ( sraeli Foreign Minister Israel Katz) ने कहा कि लड़ाई समाप्त होने के बाद यूएनआरडब्ल्यूए को प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए.

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संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक से जब काट्ज़ की टिप्पणियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "हम बयानबाजी पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं. यूएनआरडब्ल्यूए का कुल मिलाकर एक मजबूत रिकॉर्ड रहा है, जिसे हमने बार-बार रेखांकित किया है.

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गाजा में तबाही मचा रहा इजरायल

हमास के लड़ाकों ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमलाकर वहां 1200 लोगों की जान ले ली थी. जिसके जवाब में इजरायल भी गाजा को लगातार निशाना बना रहा है. इजरायल ने गाजा में हमास आतंकियों को मिटा देने की कसम खाई है. करीब 2.3 मिलियन लोग घरों से जाने पर मजबूर हो गए हैं. गाजा में भीषण मानवीय संकट देखने को मिल रहा है. अब तक इजरायल के हमलों में 23 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं

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