कौन हैं नौशेरा की 'शेरनी' 26 साल की सिमरन बाला, रिपब्लिक डे परेड में पुरुषों की CRPF यूनिट की संभालेंगी कमान

Republic Day Parade 2026: 26 साल की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में पूरी तरह से पुरुषों वाली सीआरपीएफ टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनकर इतिहास रचने जा रही हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Simran Bala Republic Day Parade 2026
नई दिल्ली:

Simran Bala CRPF: कर्तव्य पथ पर इस बार की गणतंत्र दिवस परेड कई मायनों में खास होगी. रिपब्लिक डे परेड में पुरुषों की सीआरपीएफ यूनिट की कमान एक महिला अफसर सिमरन बाला को सौंपी गई है, जो जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखती हैं. जम्मू और कश्मीर की 26 साल की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में सीआरपीएफ टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी और पहली महिला अधिकारी बनकर इतिहास रचने जा रही हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू और कश्मीर की 26 साल की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में पूरी तरह से पुरुषों वाली सीआरपीएफ टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनकर इतिहास रचने जा रही हैं.

140 सीआरपीएफ कर्मियों की टुकड़ी की कमान

भारत के 76वें गणतंत्र दिवस में कर्तव्य पथ की इस भव्य परेड में यह गौरवशाली इतिहास रचने वाली घटना होगी. सिमरन रिपब्लिक डे परेड के दौरान 140 से अधिक पुरुष सीआरपीएफ कर्मियों का नेतृत्व करेंगी. यह देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल और पूरे भारत में वर्दीधारी महिलाओं के लिए बड़े सम्मान की बात होगी. 

पाकिस्तान से सटे गांव की रहने वाली हैं

सिमरन जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर के सीमावर्ती गांव से आती हैं, जहां पाकिस्तान की अकारण गोलीबारी से काफी नुकसान होता रहा है. मोर्टार, गोलियों से बचते हुए ही उनका बचपन बीता है. जम्मू के सेवानिवृत्त सेना अधिकारी कैप्टन अनिल गौर ने कहा कि यह एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक होगा, जहां बाधाएं दूर होंगी और वर्दीधारी महिलाओं के लिए अपने भाग्य को खुद गढ़ने के द्वार खुलेंगे. 

ये भी पढ़ें - VIDEO: दिल ना दिया... की धुन पर झूमे जवान, गणतंत्र दिवस रिहर्सल का यह वीडियो आपने देखा क्या?

Simran Bala

उपलब्धि पर गर्व से भर देने वाली

सिमरन बाला ने एनडीटीवी को बताया कि उनके पास इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को बयां करने के लिए लफ्ज नहीं हैं. इंडिया गेट पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड के दौरान देश के सबसे बड़े दिन पर कमान संभालना सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी है. सिमरन ने कहा, बचपन के दौरान पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी के बीच स्कूल जाना आसान नहीं था. सिमरन अपने जिले नौशेरा की पहली अधिकारी हैं. राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती इलाकों में सिमरन की उपलब्धि ने सबके सपनों को जगा दिया है. राजौरी की एक युवा लड़की गीता रानी ने कहा, सिमरन की तरह हम भी वर्दी पहनकर भारत माता की सेवा करना चाहते हैं.

नौशेरा की रहने वाली सिमरन 

जम्मू और कश्मीर के राजौरी जिले के सीमावर्ती शहर नौशेरा की रहने वाली सिमरन बाला का सफर उपलब्धियों से भरा रहा है. वह अपने जिले की पहली महिला हैं, जिन्होंने सीआरपीएफ अफसर का पदभार संभाला है. नियंत्रण रेखा के पास पली-बढ़ी सिमरन को अनुशासन और समर्पण के लिए जाना जाता है. भारत की सबसे प्रतिष्ठित परेड में मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व करना अकल्पनीय था. 

Advertisement

सीएपीएफ परीक्षा में 82वीं रैंक

उन्होंने 2023 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा (CAPF) उत्तीर्ण करने के बाद CRPF में शामिल हुईं और अखिल भारतीय स्तर पर 82वीं रैंक हासिल की. ​उस साल सिमरन बाला जम्मू और कश्मीर से ये एग्जाम पास करने वाली इकलौती महिला उम्मीदवार थीं.

Simran Bala

सिमरन को पुरुष सैनिकों की टुकड़ी का नेतृत्व करने के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि गणतंत्र दिवस परेड की कड़े रिहर्सल के दौरान उनके प्रदर्शन ने सीनियर अफसरों का ध्यान खींचा. उनके आत्मविश्वास, अभ्यास, तालमेल और टुकड़ी पर उनकी पकड़ बेहतरीन थी. उन्हें 26 जनवरी को सीआरपीएफ टुकड़ी का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई.

Advertisement

ये भी पढ़ें - 26 जनवरी की परेड में पहली बार दिखेगा भारत का ये 'ब्रह्मास्त्र', जिसे दुश्मन के रडार पकड़ ही नहीं सकते
 

Featured Video Of The Day
Noida Techie Death Case: नाले से बाहर निकली कार से Forensic Team ने जुटाए सबूत, सामने आएगा सच ?