उनको कभी मौका नहीं मिला... राहुल गांधी के बयान पर हंगामे के बाद चिंता में विपक्षी नेता

राहुल गांधी ने सोमवार को सदन में एक तथाकथित किताब के कुछ अंश का हवाला देकर प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधने का प्रयास किया, जिस पर सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ. इस पर अब विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है.

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राहुल गांधी ने बयान पर विपक्षी नेताओं का रिएक्शन.
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  • लोकसभा में राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब के अंशों का हवाला देकर सरकार पर सवाल उठाए थे
  • रक्षा मंत्री और गृह मंत्री ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और सदन में हंगामा शुरू हो गया था
  • विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को संसद में अपनी बात रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया
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नई दिल्ली:

लोकसभा में सोमवार का दिन काफी हंगामा भरा रहा. राहुल गांधी ने एक तथाकथित किताब के कुछ अंशों का जिक्र किया, जिस पर रक्षा मंत्री और गृह मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई. इसके बाद सत्ता और विपक्ष के सांसदों के बीच सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. जिसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है. उनका आरोप है कि राहुल गांधी को सदन में बोलने से रोका जा रहा है. जानें किसने क्या कहा.

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उनको कभी मौका नहीं मिला

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के संसद के अंदर दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उनको अपनी चिंताएं बताने का मौका कभी नहीं मिला. आर्टिकल में सेना या सैनिकों पर बिल्कुल भी आरोप नहीं लगाया गया है. मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा लिए गए या न लिए गए कुछ फैसलों के बारे में है और साफ तौर पर राहुल यही मुद्दा उठाना चाहते थे. सरकार को इतना ज़्यादा रिएक्ट करने की ज़रूरत नहीं थी.

ये राष्ट्र की सुरक्षा का मामला था

वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि राहुल गांधी सदन में महत्वपूर्ण बाते रखना चाह रहे थे. देश के लिए सीमा की सुरक्षा राष्ट्र की सुरक्षा और फिर चीनी सीमा का सवाल हो तो ये और महत्वपूर्ण बन जाता है. उन्होंने कहा कि सपा ने भी समय- समय पर सरकार के सामने ये बात रखी है कि पाकिस्तान से ज्यादा हमें सावधान रहना पड़ेगा चीन से क्योंकि चीन की नजर हमारी सीमा पर बनी रहती हैं. 

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अखिलेश ने कहा कि कई मौकों पर हमने देखा है कि चीन ने बड़े पैमाने हमारी जमीन छीनी है. भारत का बहुत सारा हिस्सा चीन के पास चला गया है तो इसलिए राहुल गांधी का ये सवाल महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष अगर कोई विषय उठा रहे थे और वो बॉर्डर सुरक्षा का था या राष्ट्र सुरक्षा का था तो उसे सुना जाना चाहिए था. अखिलेश ने ये भी कहा कि भारत चीन के साथ कितना व्यापार कर रहा है. शायद आंकड़े ये बताते होंगे कि हम इतना ट्रेड, कारोबार किसी दूसरे देश से नहीं कर रहे जितना कि चीन से कर रहे हैं.. बॉर्डर सुरक्षा, राष्ट्र सुरक्षा और व्यापार ये तीनों चीज महत्वपूर्ण है और अतीत में जाए तो भारत का बहुत हिस्सा चीन के पास चला गया.

उनको बोलने तो दिया जाता

वहीं TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने राहुल गांधी के सदन में बात रखने की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत अच्छे से शुरुआत की और अपनी बातों को तथ्य के आधार रखने की कोशिश की. लेकिन वहां पर बैठे सत्तारूढ़ दल के मंत्री ने कहा कि ये तथ्य पर आधारित नहीं है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बातों में तथ्य था सत्य था. आपको लगता है कि वह राष्ट्र के खिलाफ बोल रहे थे, जबकि ऐसा नहीं है वह तो राष्ट्र सुरक्षा के बारे में बता रहे थे.

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सत्तारूढ़ दल को अगर लगता है कि वह कुछ गलत बोल रहे थे तो कम से कम उन्हें बोलने तो दिया जाता. उनकी बात को सुनने के बाद रिकॉर्ड से हटा देते, लेकिन उन्हें बोलने तो देते. आज तो मंशा यही थी कि उनको बोलने न दिया जाए.

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राहुल के बयान पर लोकसभा में हंगामा

बता दें कि राहुल गांधी ने सोमवार को सदन में पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब के कुछ अंश का हवाला देकर प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधने का प्रयास किया, जिस पर सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक एवं हंगामा देखने को मिला तथा सदन की कार्यवाही बाधित हुई.

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