कौन हैं सौरभ जोशी, पंजाब BJP बड़े नेता के बेटे ने जीता चंडीगढ़ मेयर चुनाव  

Chandigarh Mayor Election: चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर सौरव जोशी ने मैदान मार लिया है. कांग्रेस और आम आदमी के अलग-अलग चुनाव लड़ने का सीधा लाभ भाजपा को मेयर इलेक्शन में मिलेगा.

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Chandigarh Mayor Sourav Joshi

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी ने बाजी मार ली है. बीजेपी उम्मीदवार सौरभ जोशी ने 18 वोटों के साथ जीत हासिल की. विपक्ष में विभाजन का सीधा फायदा मेयर चुनाव चंडीगढ़ में मिला.  आम आदमी पार्टी (AAP) को 11 वोट और कांग्रेस को 7 वोट मिले. चंडीगढ़ में पहली बार मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव हाथ खड़ा करके हुआ. पिछली बार चुनाव में मतपत्रों में हुई गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. अगर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एक साथ लड़ती तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है.  

लॉ ग्रेजुएट और आरएसएस कार्यकर्ता

चंडीगढ़ मेयर चुनाव जीते 45 साल के सौरभ जोशी पंजाब विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट हैं. वो दूसरी पीढ़ी के आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ता हैं. छात्र राजनीति से उन्होंने अपनी सियासी पारी शुरू की थी.अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी के तौर पर पंजाब विश्वविद्यालय छात्र परिषद (PUSC) के चुनाव में अध्यक्ष और महासचिव पद का चुनाव लड़ा था. महज 29 साल की उम्र में सौरभ जोशी बीजेपी पार्षद का चुनाव चंडीगढ़ में जीते. सौरभ जोशी चंडीगढ़ के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष दिवंगत जयराम जोशी के बेटे हैं, जिन्हें चंडीगढ़ का 'महात्मा गांधी' कहा जाता था.

विनीत जोशी के छोटे भाई

वो विनीत जोशी के छोटे भाई हैं, जो भी छात्र राजनीति से सियासत में आए. विनीत जोशी पंजाब में सीएम के पूर्व सलाहकार के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं.  सौरभ जोशी के परिवार में बीजेपी के दिग्गज नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी, सुषमा स्वराज, मुरली मनोहर जोशी, अरुण जेटली का आना-जाना रहा है. चंडीगढ़ भाजपा के संगठना प्रभारी के तौर पर नरेंद्र मोदी भी उनके घर आ चुके हैं. जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, विनोद तावड़े, मनोहर लाल खट्टर, शांता कुमार, तरुण चुग, अश्विनी शर्मा, प्रेम कुमार धूमल, विजय सांपला और अविनाश राय खन्ना भी इस फेहरिस्त में शामिल हैं.

चंडीगढ़ की राजनीति में सक्रियता

सौरभ जोशी चंडीगढ़ की राजनीति में काफी वक्त से प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं. चंडीगढ़ के बिजली, सड़क और पानी के साथ अन्य स्थानीय मुद्दों पर उनकी सक्रियता रही है. बीजेपी पार्षद के तौर पर उन्होंने जनसमस्याओं पर नगर निगम में मुखर तरीके से बात रखी है. सौरभ जोशी की जीत से चंडीगढ़ नगर निगम में बीजेपी का दबदबा फिर से कायम हो गया है.सौरभ जोशी ने चंडीगढ़ के विकास और जन सुविधाओं की बेहतरी ठोस कदम उठाने का वादा किया है.

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