आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व सदस्य और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पंजाब में दो अलग‑अलग जिलों में उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. जानकारी के मुताबिक, दोनों ही मामले गैर‑जमानती धाराओं में दर्ज हैं, जिससे कानूनी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों एफआईआर अलग‑अलग घटनाओं से जुड़ी हैं. हालांकि, अभी तक आरोपों का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है. मामले की जांच पंजाब पुलिस कर रही है और आगे की कार्रवाई तेज किए जाने के संकेत हैं. जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है.
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पंजाब पुलिस के पहुंचने से पहले पीछे के रास्ते से निकले
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही मीडिया के माध्यम से यह सूचना सामने आई कि संदीप पाठक के खिलाफ गैर‑जमानती धाराओं में मामले दर्ज हुए हैं, दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास (C‑1/28) पर हलचल तेज हो गई. बताया जा रहा है कि पंजाब पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही संदीप पाठक अपने पीएसओ (सुरक्षा अधिकारी) के साथ पीछे के दरवाज़े से निकल गए.
एक समय AAP के भीतर ‘पंजाब के चाणक्य' कहे जाने वाले संदीप पाठक पर दर्ज इन मामलों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.
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FIR रिपोर्ट्स पर क्या बोले संदीप पाठक
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ऐसी किसी एफआईआर की कोई जानकारी नहीं है और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने इस संबंध में उनसे संपर्क किया है.
संदीप पाठक ने कहा, 'मुझे ऐसी किसी एफआईआर की जानकारी नहीं है और किसी पुलिस अथॉरिटी ने मुझे सूचित भी नहीं किया है. मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा की है. देश किसी भी पार्टी से बड़ा है. मैं कभी इसे धोखा नहीं दूंगा और न किसी को देने दूंगा. अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है, तो यह दिखाता है कि वे कितने डरे हुए हैं. मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता.'














